विद्याधर से विद्यासागर
#शेयर#विद्याधर_से_विद्यासागर (किताब) काशी-पढ़े पंडित के हाथों : जिन हाथों में साहित्य की चाह थमी हुई हो, वे भला व्यवसाय में कैसे खपेंगे। सो धंधे से मन का उचाट खा जाना स्वाभाविक ही था। उचटते मन को देख माता ने उन्हें संसार में रम जाने की दृष्टि से उनके विवाह का प्रस्ताव रखा उनके समक्ष ललित […]
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