त्याग न हो स्वयं के यश या ख्याति के लिए – आचार्य श्री वर्द्धमान सागर महाराज

श्री महावीरजी। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में विराजमान वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टा धीश आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी ने दशलक्षण धर्म के अंतर्गत आठवें दिन त्याग धर्म की विवेचना की। उन्होंने कहा कि आज दशलक्षण महापर्व का 8वां दिन है। आठ का अंक यह संदेश देता है कि हमें 8 कर्मों का […]

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त्याग हमें बनाता है महान – श्रमण मुनिश्री निरीह सागर

ललितपुर। धर्मनगरी वर्णीनगर मडा़वरा में दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म के अवसर पर नगर में विराजमान आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य अष्टम् निर्यापक मुनिश्री अभय सागर, मुनिश्री प्रभात सागर, मुनिश्री निरीह सागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में श्री महावीर विद्या विहार के परिसर में प्रात:काल श्रीजी का अभिषेक, […]

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मूलनायक भगवान अजित नाथ का हुआ महामस्तकाभिषेक

महरौनी (ललितपुर)। श्री दिगम्बर जैन मंदिरों में दशलक्षण महापर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म के रूप में मनाया गया। प्रात कालीन बेला में जिन अभिषेक पूजन किया गया। बड़े मंदिर मे मूल नायक भगवान अजित नाथ भगवान का स्वर्ण और रजत कलशों से महामस्तकाभिषेक किया गया। प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य सुमत मिठया, संजीव सराफ, […]

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त्याग ही प्राप्ति का मार्गः भावलिंगी संत आचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महाराज

मूर्छा में जीने वाले कभी मोक्ष को उपलब्ध नहीं होतेमूर्छा का अर्थ है भीतर के प्रेम का अनुभव नहीं होना भावलिंगी संत आचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महाराज ने भक्तजनों को दिए अपने सम्बोधन में कहा है कि किसी ने पूछा, प्राप्ति का मार्ग क्या है। मैंने कहा कि त्याग ही प्राप्ति का मार्ग है। […]

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पापों का मूलधन त्याग धर्म से समाप्त होता है – आचार्य अतिवीर मुनि

रेवाड़ी। परम पूज्य आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज ने दशलक्षण महापर्व के अवसर पर अतिशय क्षेत्र नसिया जी में आयोजित श्री तीस चौबीसी महामण्डल विधान के अवसर पर धर्म के अष्टम लक्षण “उत्तम त्याग” की व्याख्या करते हुए कहा कि त्याग के बिना मनुष्य महान नहीं बनता और जब तक समस्त अंतरंग व बहिरंग परिग्रह […]

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दिगम्बर जैन मन्दिर में पधारीं श्वेताम्बर साध्वी

दिल्ली। श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, रानी बाग में पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व के पावन पुनीत प्रसंग पर प्रथम बार श्वेताम्बर साध्वी उत्तर भारतीय प्रवर्तिनी, श्रमणी सूर्या, डॉ. श्री सरिता जी म.सा. आदि ठाणे का मंगल आगमन उत्तम त्याग धर्म के अवसर पर हुआ। समस्त जैन समाज द्वारा साध्वीश्री का भावभीना स्वागत कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया […]

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जैन धर्म तीर्थ यात्रा

#जैन #तीर्थ #भाववन्दना #1️⃣ 1️⃣0️⃣0️⃣ भाग – 3️⃣💎 कैलाश पर्वत – अष्टापद निर्वाण भूमि 💎जय जिनेन्द्र ।। भगवान आदिनाथ जी की मूल मोक्षस्थली अष्टापद कैलाश सिद्ध क्षेत्र यात्रा के तीसरे भाग की भाववन्दना में आज जानते हैं, कैलाश अष्टापद पर, चक्रवर्ती भरत द्वारा बनवाये गए भव्य जिनालयों के निकटवर्ती उत्कीर्णित मंगलकलश की आकृति के बारे […]

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मुनि श्री आदित्य सागर जी के सानिध्य में साधु सा जीवन जी रहे शिविरार्थी

इंदौर। एक गृहस्थ होकर साधु सा जीवन जीना कल्पना से परे लगता है लेकिन समोसरण मंदिर, कंचन बाग में पर्युषण पर्व के उपलक्ष्य एवं मुनि श्री आदित्य सागर जी, मुनि श्री अप्रमित सागर जी और मुनि श्री सहज सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में 31 अगस्त से चल रहे 10 दिवसीय श्रुत आराधना साधना शिविर […]

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पर्युषण महापर्व के सातवें दिन की उत्तम तप धर्म की पूजा

आगरा। दिगंबर जैन मंदिरों में दशलक्षण पर्युषण महापर्व के सातवें दिन मंगलवार को उत्तम तप धर्म मनाया गया। कमला नगर डी ब्लॉक श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के सातवें दिन भक्तों ने ब्रह्मचारी सुनील भैया जी के सानिध्य में उत्तम तप धर्म की पूजा कर जिनेंद्र प्रभु की आराधना की। ब्रह्मचारी सुनील भैया […]

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इच्छाएं सीमित और कर्म संयमित हों

सनावद। तप ही कर्म निर्जरा का साधन है। संयम से हमने इच्छाओं पर काबू करके उन पर नियंत्रण कर लिया। अब उन सीमित इच्छाओं के साथ भी फल प्राप्ति के लिये संयमित कर्म करते रहें। अब यदि इच्छायें पूर्णतः समाप्त हों, उत्पन्न ही न हों, तो यह तपस्या से ही यह संभव है। सन्मति जैन ने […]

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तप चिंतामणि रत्न है, इससे ही होगी मोक्ष प्राप्ति – आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज

श्री महावीर जी। दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में विराजमान वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी ने दशलक्षण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म की विवेचना की। आचार्य श्री ने बताया कि सभी संसारी जीवों की आत्मा कर्मों से बंधी है। यदि आप आत्मा को परमात्मा बनाना चाहते हैं […]

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पर्युषण महापर्व के सातवें दिन उत्तम तप की बताई महिमा

कहा, इच्छाओं को जीतना ही तप आर्यिका रत्न 105 श्री नन्दीश्वरमति माता जी एवं विशेष मति माताजी ने बताईं विशेषताएं जोबनेर। दसलक्षण पर्युषण महापर्व के सातवें दिन उत्तम तप लक्षण के अवसर पर आर्यिका रत्न 105 श्री नन्दीश्वरमति माता जी एवं विशेष मति माताजी ने तप धर्म की विशेषता समझाते हुए बताया कि दशलक्षण महापर्व का […]

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बेंगलूरु महानगर में दशलक्षण महापर्व पर बह रही धर्म गंगा

बेंगलूरु। आईटी शहर के नाम से भारत ही नहीं, दुनिया में मशहूर बेंगलूरु पूरे विश्व मे अपनी धाक जमाऐ हुए है। पूरे भारत से जैन लोग यहां आईटी क्षेत्र में अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। दशलक्षण महापर्व पर यहां जैन धर्मवालम्बियों द्वारा धार्मिक आयोजन किए जा रहे है। बच्चे जहां आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे […]

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इच्छाओं पर नियंत्रण रखना ही तप धर्म – मुनिश्री प्रभात सागर

दशलक्षण महापर्व- सातवां दिन (उत्तम तप धर्म) नगर में धर्ममय वातावरण “भ्रूण हत्या “नहीं करने का आदर्श बहू मंडल की सदस्याओं का संकल्प ललितपुर। धर्मनगरी वर्णीनगर मड़ावरा में दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म के अवसर पर नगर में चातुर्मासरत आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य अष्टम्नि र्यापक मुनिश्री अभय सागर, […]

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तप वही जो कर्म-निर्जरा के लिए किया जाए – आचार्य अतिवीर मुनि

रेवाड़ी। परम पूज्य आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज ने दशलक्षण पर्व के अवसर पर अतिशय क्षेत्र नसियां जी में आयोजित श्री तीस चौबीसी महामण्डल विधान में धर्म के सप्तम लक्षण “उत्तम तप” की व्याख्या करते हुए कहा कि “इच्छा निरोधः तपः” अर्थात् इच्छाओं का निरोध करना तप है। पवित्र विचारों के साथ शक्ति अनुसार की […]

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भक्ति भाव से मनाया जा रहा है दशलक्षण पर्व

बड़ोदिया। आदिनाथ दिगम्बर जैन बड़ोदिया में दशलक्षण पर्व की भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। प्रतिदिन समाज के लोग पूजा, अभिषेक, भजन के माध्यम में प्रभु की भक्ति कर रहे हैं। दस धर्मों के पूजन के साथ सोहलकारण की पूजा भी की जा रही है। श्रावक जन अपनी शक्ति के साथ त्याग, तप में […]

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मध्यप्रदेश पथरिया जिला से आए” विश्वशांति विरागोदय रथ” का स्वागत जैन समाज झुमरी तिलैया ने किया

मध्यप्रदेश पथरिया जिला से आए” विश्वशांति विरागोदय रथ” का स्वागत जैन समाज झुमरी तिलैया ने किया झुमरीतिलैया(कोडरमा) 6 सितम्बर श्रीदिगम्बर जैन समाज कोडरमा के द्वारा मध्य प्रदेश बुंदेलखंड पथरिया से आई विरागोदया रथ का स्वागत गुरुदेव विशल्य सागर जी के सानिध्य में जैन समाज ने किया ।जैन धर्म के राष्ट्रसंत गणाचार्य श्री 108विराग सागर जी […]

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राजधानी जयपुर में सिंह निष्क्रीडित महाव्रत की कठोर साधना

राजधानी जयपुर में सिंह निष्क्रीडित महाव्रत की कठोर साधना- जयपुर भारत गौरव चतुर्थ पट्टाचार्य श्री सुनीलसागर जी यतिराज के सुशिष्य पूज्य मुनि श्री सुज्ञेय सागर जी गुरुदेव जैन धर्म के कठोर व्रत तपोसाधना मे से एक “सिंह निष्क्रीडित महाव्रत” की साधना पर पूज्य आचार्य श्री की पावन अनुकम्पा में अग्रसर है मुनि श्री सुज्ञेय सागर […]

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फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के सातवें रोज आज उत्तम तप धर्म की पूजा की गई

फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के सातवें रोज आज उत्तम तप धर्म की पूजा की गई तप का उद्देश्य इच्छाओं और वासनाओं को नियंत्रण में रखते हुए भावों को शुद्ध रखना फागी संवाददाताराजाबाबू गोधा दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े पर्व दशलक्षण महापर्व […]

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आचार्य 108 सुनील सागर जी महाराज ने तीर्थ सरंक्षणी महासभा की पत्रिका का किया भव्य विमोचन

आचार्य 108 सुनील सागर जी महाराज ने तीर्थ सरंक्षणी महासभा की पत्रिका का किया भव्य विमोचन जयपुर जयपुर शहर में भट्टारक जी की नसियां में आचार्य 108 सुनिल सागर जी महाराज पावन चातुर्मास 2022 के पावन वर्षायोग में धर्म की भव्य प्रभावना बढा रहे हैं मिडिया के राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आज तीर्थ […]

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