● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

QUESTION BANK ★ तत्त्वसार (आ. देवसेन स्वामी) ★ Question Bank 01 : गाथा 01 से 09 तक की प्रश्नोत्तरी के लिए click कीजिए ➡️ https://forms.gle/Mx7eMmQanBNBKqJw9 Prakrit App को download जरूर कीजिए… ⬇️ https://play.google.com/store/apps/details?id=jain.prakrit ★ तत्त्वसार (आ. देवसेन स्वामी) ★ Question Bank 02 : गाथा 10 से 19 तक की प्रश्नोत्तरी के लिए click कीजिए➡️ https://forms.gle/H5gfRxBcK9Uk23qB9 […]

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● तत्त्वसार : Revision 3rd week ● •Day 11 : गाथा 20 – 21 •Day 12 : गाथा 22 – 23 •Day 13 : गाथा 24 – 25 •Day 14 : गाथा 26 – 27 •Day 15 : गाथा 28 – 29 प्राकृत जैनागम के लिए समर्पित सर्वाधिक लोकप्रिय youtube channel को जरूर subscribe कीजिए […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 15 : : तत्त्वसार गाथा 28 – 29ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर सिद्धो हं सुद्धो हंअणंत-णाणाइ-समिद्धो हं।देह-पमाणो णिच्चोअसंखदेसो अमुत्तो य।।28।। थक्के मण-संकप्पेरुद्धे अक्खाण विसय-वावारे।पयडइ बंभ-सरूवंअप्पा झाणेण जोईणं।।29।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 14 : : तत्त्वसार गाथा 26 – 27ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर मल-रहिओ णाणमओणिवसइ सिद्धीए जारिसो सिद्धो।तारिसओ देहत्थोपरमो बंभो मुणेयव्वो।।26।। णोकम्म-कम्म-रहिओकेवलणाणाइ-गुण-समिद्धो जो।सो हं सिद्धो सुद्धोणिच्चो एक्को णिरालंबो।।27।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 13 : : तत्त्वसार गाथा 24 – 25ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर जह कुणइ को वि भेयंपाणिय-दुद्धाण तक्क-जोएणं।णाणी वि तहा भेयंकरेइ वर-झाण-जोएणं।।24।। झाणेण कुणउ भेयंपुग्गल-जीवाण तह य कम्माणं।घेत्तव्वो णिय-अप्पासिद्ध-सरूवो परो बंभो।।25।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 12 : : तत्त्वसार गाथा 22 – 23ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर अत्थित्ति पुणो भणियाणएण ववहारिएण ए सव्वे।णोकम्म-कम्मणादीपज्जाया विविह-भेय-गया।।22।। संबंधो एदेसिंणायव्वो खीर-णीर-णाएण।एकत्तो मिलियाणंणिय-णिय-सब्भाव-जुत्ताणं।।23।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ स्वाध्याय group को join करने के लिए m. 9314591397 पर डॉ. पुलक गोयल पर […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 11 : : तत्त्वसार गाथा 20 – 21ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर णत्थि कला संठाणंमग्गण-गुणठाण-जीवठाणाइं।ण य लद्धि-बंधठाणाणोदयठाणाइया केई।।20।। फास-रस-रूव-गंधासद्दादीया य जस्स णत्थि पुणो।सुद्धो चेयण-भावोणिरंजणो सो अहं भणिओ।।21।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ स्वाध्याय group को join करने के लिए m. 9314591397 पर […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 10 : : तत्त्वसार गाथा 18 – 19ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर रागादिया विभावाबहिरंतर-उहय-वियप्पं मोत्तूणं।एयग्ग-मणो झायउणिरंजणं णियय-अप्पाणं।।18।। जस्स ण कोहो माणोमाया लोहो य सल्ल-लेस्साओ।जाइ-जरा-मरणं चियणिरंजणो सो अहं भणिओ।।19।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ स्वाध्याय group को join करने के लिए m. 9314591397 […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 09 : : तत्त्वसार गाथा 16 – 17ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर तम्हा अब्भसउ सयामोत्तूणं राय-दोस वा मोहो।झायउ णिय-अप्पाणंजइ इच्छह सासयं सोक्खं।।16।। दंसण-णाण-पहाणोअसंख-देसो हु मुत्ति-परिहीणो।स-गहिय-देह-पमाणोणायव्वो एरिसो अप्पा।।17।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ स्वाध्याय group को join करने के लिए m. 9314591397 पर […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 08 : : तत्त्वसार गाथा 14 – 15ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर संका-कंखा-गहियाविसय-पसत्ता सुमग्ग-पब्भट्ठा।एवं भणंति केईण हु कालो होइ झाणस्स।।14।। अज्ज वि तिरयणवंताअप्पा झाऊण जंति सुर-लोए।तत्थ चुया मणुयत्तेउप्पज्जिय लहहि णिव्वाणं।।15।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ स्वाध्याय group को join करने के लिए […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 07 : : तत्त्वसार गाथा 12 – 13ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर कालाइ-लद्धि णियडाजह जह संभवइ भव्व-पुरिसस्स।तह तह जायइ णूणंसुसव्व-सामग्गि मोक्खट्ठं।।12।। चलण-रहिओ मणुस्सोजह वंछइ मेरु-सिहरमारुहिउं।तह झाणेण विहीणोइच्छइ कम्मक्खयं साहू।।13।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ स्वाध्याय group को join करने के लिए m. […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 06 : : तत्त्वसार गाथा 10 – 11ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर बहिरब्भन्तर-गंथामुक्का जेणेह तिविह-जोएण।सो णिग्गंथो भणिओजिणलिंग-समासिओ समणो।।10।। लाहालाहे सरिसोसुह-दुक्खे तह य जीविए मरणे।बंधु-अरि-यण-समाणोझाण-समत्थो हु सो जोई।।11।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ स्वाध्याय group को join करने के लिए m. 9314591397 पर […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 05 : : तत्त्वसार गाथा 08 – 09ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर जो खलु सुद्धो भावोसो अप्पा तं च दंसणं णाणं।चरणं पि तं च भणियंसा सुद्धा चेयणा अहवा।।8।। जं अवियप्पं तच्चंतं सारं मोक्ख-कारणं तं च।तं णाऊण विसुद्धंझायहु होऊण णिग्गंथा।।9।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 04 : : तत्त्वसार गाथा 06 – 07ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर इंदिय-विसय-विरामेमणस्स णिल्लूरणं हवे जइया।तइया तं अवियप्पंससरूवे अप्पणो तं तु।।6।। समणे णिच्चल-भूएणट्ठे सव्वे वियप्प-संदोहे।थक्को सुद्ध-सहावोअवियप्पो णिच्चलो णिच्चो।।7।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ https://youtu.be/RE5jr-LV1xw स्वाध्याय group को join करने के लिए m. […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 03 : : तत्त्वसार गाथा 04 – 05ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर तेसिं अक्खर-रूवंभविय-मणुस्साण झायमाणाणं ।बज्झइ पुण्णं बहुसोपरंपराए हवे मोक्खो ।।4।। जं पुणु सगयं तच्चंसवियप्पं हवइ तह य अवियप्पं ।सवियप्पं सासवयंणिरासवं विगय-संकप्पं ।।5।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ https://youtu.be/Wy53a8vQKFo स्वाध्याय group को […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 02 : : तत्त्वसार गाथा 02 – 03ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर तच्चं बहु-भेय-गयंपुव्वायरिएहिं अक्खियं लोए।धम्मस्स वत्तणट्ठंभवियाण पबोहणट्ठं च ।।2।। एगं सगयं तच्चंअण्णं तह परगयं पुणो भणियं ।सगयं णिय-अप्पाणंइयरं पंचावि परमेट्ठी ।।3।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें⬇️ नए सदस्यों के लिए : […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 01 : : तत्त्वसार गाथा 01 (मंगलाचरण)ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर झाणग्गि-दड्ढ-कम्मेणिम्मल-सुविसुद्ध-लद्ध-सब्भावे।णमिऊण परम-सिद्धेसुतच्चसारं पवोच्छामि।।1।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें⬇️ ग्रन्थ आरम्भ | मंगलाचरण | गाथा 01 | ग्रन्थ परिचय | ग्रन्थकार परिचय | विनय और बहुमान आदि के समावेश के साथ व्याकरणिक […]

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