● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●
Day 06 : : तत्त्वसार गाथा 10 – 11
ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामी
प्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर
बहिरब्भन्तर-गंथा
मुक्का जेणेह तिविह-जोएण।
सो णिग्गंथो भणिओ
जिणलिंग-समासिओ समणो।।10।।
लाहालाहे सरिसो
सुह-दुक्खे तह य जीविए मरणे।
बंधु-अरि-यण-समाणो
झाण-समत्थो हु सो जोई।।11।।
Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें
➡️
स्वाध्याय group को join करने के लिए m. 9314591397 पर डॉ. पुलक गोयल पर whatsapp कीजिए।
★Share in all ur Jain groups★
