मोक्षमार्ग की प्राप्ति के लिए सरल होना जरूरी – मुनि विशल्य सागर महाराज

JAIN SANT NEWS झुमरी तिलैया

झुमरी तिलैया (कोडरमा)। श्री दिगम्बर जैन समाज के सानिध्य में दशलक्षण पर्युषण का तीसरा दिन जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया। झुमरी तिलैया में चातुर्मास कर रहे महासंत जैन मुनि 108 विशल्य सागर गुरुदेव ने भक्तजनों को कहा कि कुटिल परिणामों का जहां पर त्याग किया जाता है, वहीं पर आर्जव धर्म प्रकट होता है। यह हमें सरलता सिखाता है। मन, वचन, काय की एकता जहां पर होती है, वहीं पर आर्जव धर्म की सार्थकता होती है। सरलता जहां नहीं है, वहां पर सत्य भी नहीं पनपता है। सरलता सभी धर्मों की आधारशिला है। मोक्षमार्ग की प्राप्ति के लिए सरल होना जरूरी है। आज मनुष्य गिरगिट से भी ज्यादा रंग बदल रहा है। अपने स्वभाव और पहचान से दूर होते जा रहे हैं। एक चेहरे पर अनेक चेहरे दिखाई दे रहे हैं। हकीकत कुछ और है। दिखावा कुछ और है और इसी मायाचारी व्यवहार के कारण मनुष्य दुखी है और कष्ट झेल रहा है। अपने प्रति ईमानदार बनिए। हम जैसा दिख रहे हैं, वैसा है नहीं। बनावटी दिखावटी और सजावटी चेहरे को बदलना चाहिए। मनुष्य का जीवन बांसुरी की तरह होना चाहिए। जहां हमेशा सुरीली आवाज ही निकलती है। जो अंदर और बाहर एक होता है, उसी का जीवन नेक होता है। जैन संत ने कहा कि अपने प्रति ईमानदार बनो। प्रभु और गुरु दो आंखें हैं। इनको कभी नहीं छोड़ना चाहिए नहीं तो दुनिया में सिर्फ अंधकार ही नजर आएगा।
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त से ही महिलाएं पुरुष-बच्चे, दोनों जैन मंदिर में पूजा विधान के लिए पहुंचने लगे। राजकीय अतिथि गुरुदेव जैन मुनि 108 श्री विशल्य सागर जी के मुखारविंद से नया मंदिर जी में महा शांतिधारा का पाठ किया गया। बड़ा मंदिर जी में भगवान पार्श्वनाथ की शांति धारा और प्रथम अभिषेक का सौभाग्य ललित, सिद्धांत सेठी परिवार को मिला। मूलवेदी भगवान पुष्पदंत नाथ का विहार, अभिषेक शांतिधारा का सौभाग्य नंदलाल हेमंत बड़जात्या परिवार को मिला। नया मंदिर में शांति धारा का सौभाग्य प्रदीप प्रेम प्रतीक प्रियंका पांड्या परिवार को मिला। नया मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन, शास्त्र भेंट और गुरुदेव का चरण प्रक्षालन का सौभाग्य नेमी देवी, सुरेश प्रेम, नरेंद्र बीना झांझरी परिवार को मिला। मंच संचालन कार्यक्रम के संयोजक सुरेंद्र काला ने किया। अलका दीदी ने बड़ा मंदिर में शांति धारा का पाठ किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार मानिकचंद मनोज, मनीष सेठी परिवार द्वारा दिया गया। ये जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी जैन राजकुमार अजमेरा और नवीन जैन ने दी।

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