

ललितपुर। स्थानीय क्षेत्रपाल मंदिर में पर्वराज पर्यूषण पर धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि सुधासागर महाराज ने कहा है कि जीवन को ऐसा बनाएं कि कोई दो बातें कहकर हल्का हो जाए। दूसरों की बुराई नहीं, अपने को देखने में ही धर्म है। जिसे मन को समझने की इच्छा आ गई तो समझो उसमें धर्म को समझने की बुद्धि आ गई यही मार्दव धर्म है। जब कोई तुम्हारे जीवन में आंसू पोंछने आ जाए, किसी के सहयोग करने का भव आ जाए तो समझ लेना मार्दव धर्म प्रकट हो गया। मुनि श्री ने भारतीय संस्कृति परम्परा का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी परम्परा है कि हम बड़ों के चरणों में झुकते हैं। हमारे यहां बड़े पहले ही झुकने वाले को अपनी छाती से लगा लेते हैं। मार्दव का अर्थ है- इतना सरल हो जाओ कि बडे़ तुम्हें अपना बना लें।
पर्यूषण पर्व के द्वितीय दिवस उत्तम मार्दव धर्म पर मुनि श्री ने शिविरार्थियों से कहा कि अपने जीवन में कुछ ऐसा करें कि गुरु धन्य हो जाए। उपकार का बदला जीवन में जरूर चुकाना। मां- बाप ने तुम्हें जन्म देकर उपकार किया है, तुम्हें इस योग्य बनाया कि आज तुम सबके बीच अपना स्थान बना रहे हो। इसी तरह गुरु ने दीक्षा देकर आपको उपकृत किया है ऐसा कुछ करें कि गुरु भी धन्य हो जाए।
धर्मसभा के प्रारम्भ में मुनि पूज्यसागर महाराज ने तत्वार्थसूत्र का वाचन किया। तदुपरान्त आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के सम्मुख श्रावक श्रेष्ठीजनों ने दीपप्रज्जवलन मुनि श्री का पादप्रक्षालन कर किया। इसके पूर्व प्रातःकाल भगवान अभिनंदन नाथ के अभिषेक के उपरान्त मुनि श्री के मुखारविन्द से शान्तिधारा पुर्ण्याजक परिवारों द्वारा की गई। क्षेत्रपाल मंदिर प्रांगण में शिविरार्थियों ने पाण्डुकशिला पर श्री जी का अभिषेक ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश के मार्गदर्शन एवं मुनि श्री के सान्निध्य में किया। संगीतमय पूजन हुआ जिसमें शिविरार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। विशाल जनसमुदाय के रूप में शिविरार्थी अपनी भक्ति में झूम रहे थे।
क्षेत्रपाल मंदिर में निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज का पडगाहन सुनील जैन वर्द्धमान पापड परिवार, नगर गौरव मुनि पूज्य सागर महाराज को आहारदान विजय जैन कैफे परिवार, एलक धैर्यसागर महाराज को आहारदान मनोज कुमार, मुकेश बुखारिया किराना परिवार एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज को आहारदान भोले जैन धनगौल परिवार को मिला जहां पहुंचकर
अनेकों श्रावकों ने आहारदान देकर पुर्ण्याजन किया। मध्यान्ह में मुनि पूज्य सागर महाराज ने शिविरार्थियों को बोध कराया। इसके उपरान्त एलक धैर्यसागर महाराज ने शिविर में श्रावकों को सामूहिक प्रतिक्रमण की सीख दी। सायंकाल जिज्ञासा समाधान में शिविरार्थियों की जिज्ञासाओं का मुनि सुधासागर महाराज ने लाइव प्रसारण के माध्यम से समाधान किया। श्रावकों ने गुरुभक्ति संगीतमय आरती की जिसमें भक्ति की धूम रही। सायंकाल ज्ञानसागर ग्रुप, विद्यासागर ग्रुप, सुधासागर ग्रुप, पूज्यसागर ग्रुप, धैर्यसागर ग्रुप एवं गम्भीरसागर ग्रुप के शिविरार्थियों को ग्रुप अनुसार एलक श्री ध्यानसागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीरसागर महाराज के अतिरिक्त दिनेश जी गुगवाल जयपुर, ब्रह्मचारी विनोद भैया जबलपुर, ब्रह्मचारी सुनील भैया ने धार्मिक बोध कराया।
शिविरार्थियों ने शुरू की उपवास साधना
क्षेत्रपाल मंदिर में शिविर में सम्मलित तीन हजार शिविरार्थी के बीच उस समय भव्य नजारा देखने को मिला जब आहारचर्या के लिए प्रवचन मण्डप से मुनि सुधासागर महाराज के सम्मुख सैकड़ों की संख्या में शिविरार्थियों ने उपवास हेतु आज्ञा मांगी। मुनि श्री ने स्वास्थ्य की अनुकूलता के साथ साधना का आशीर्वाद दिया। मुनि श्री की आज्ञा लेकर शिविरार्थी पंक्तिबद्ध होकर आहारचर्या के लिए निकले। अजब नजारा रहा।
श्वेत वस्त्रों में श्रावकों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रावक मंदिर जी से उन्हें आहर हेतु अपने अपने घरों ले गए।
उत्तम आर्जव धर्मः जैनमंदिरों में हुआ भक्ति पूर्वक पूजन अभिषेक
पर्यूषण पर्व के प्रथम दिन उत्तम मार्दव दिवस पर नगर के सभी जैन मंदिरों में प्रातःकाल पूजन अर्चन, शान्तिधारा हुई जिसमें श्रद्धालुजनों ने सम्मलित होकर पुर्ण्याजन किया। पर्यूषण पर्व पर नगर के प्रमुख जैन मंदिर क्षेत्रपाल, जैन अटामंदिर, जैन नया मंदिर, जैन बड़ा मंदिर, आदिनाथ मंदिर सिविल लाइन, इलाइट जैन मंदिर, बाहुबलिनगर जैन मंदिर, चन्द्रप्रभु मंदिर, आदिनाथ मंदिर नईबस्ती, शान्तिनाथ मंदिर समेत सभी मंदिरों में विशेष प्रबंध मंदिर प्रबंधकों की निगरानी में किए गए हैं। मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि सभी मंदिर में श्रावक पूजन अर्चन कर पुर्ण्याजन करेंगे।
शिविर की व्यवस्थाओं को अंजाम देने में जुटे स्वयंसेवक
शिविर की व्यवस्थाओं को शिविर निर्देशक हुकमचंद काका के मार्गदर्शन में मंदिर प्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा, मोदी पंकज जैन, धार्मिक आयोजन संयोजक मनोज जैन बबीना के निर्देशन में विद्यासागर व्यायामशाला वीर व्यायामशाला, स्याद्वाद वर्द्धमान सेवा संघ, जैन मिलन मुख्य शाखा, जैन मिलन सिविल लाइन, जैन एम्बुलेंस सेवा समिति, मित्र मण्डल, मंगलवार भक्ताम्मर मण्डल के स्वयंसेवक संजय रसिया, कैप्टन राजकुमार जैन, जीवन जैन मिर्चवारा, महेन्द्र जैन कुम्हैण्डी, सौरभ जैन मेडीकल, अनूप सराफ, आनंद भावनगर, हरीश सिंघई, पीयूश जैन, सत्येन्द्र सिंघई, अरुण मोदी, जितेन्द्र जैन अनौरा पिन्टू मोदी, सुकुमाल कडंकी, पवन जैन मयंक, श्रीश सिंघई, यश जैन, हर्ष जैन, अंशुल जैन, लोकेश सिंघई, अंशुल जैन, सचिन जैन आदि सक्रिय योगदान दे रहे हैं। आयोजन स्थल पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षात्मक कडे़ बंदोबस्त किए हैं।
