मोक्षमार्ग की प्राप्ति के लिए सरल होना जरूरी – मुनि विशल्य सागर महाराज
झुमरी तिलैया (कोडरमा)। श्री दिगम्बर जैन समाज के सानिध्य में दशलक्षण पर्युषण का तीसरा दिन जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया। झुमरी तिलैया में चातुर्मास कर रहे महासंत जैन मुनि 108 विशल्य सागर गुरुदेव ने भक्तजनों को कहा कि कुटिल परिणामों का जहां पर त्याग किया जाता है, वहीं पर आर्जव धर्म […]
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