● तत्त्वसार : Revision 6th week ● •Day 26 : गाथा 50 – 51 •Day 27 : गाथा 52 – 53 •Day 28 : गाथा 54 – 55 •Day 29 : गाथा 56 – 57 •Day 30 : गाथा 58 – 59 •Day 31 : गाथा 60 – 61 प्राकृत जैनागम के लिए समर्पित सर्वाधिक […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 31 : : तत्त्वसार गाथा 60 – 61ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर जा किंचि वि चलइ मणोझाणे जोइस्स गहिय-जोयस्स।ताम ण परमाणंदोउप्पज्जइ परम-सुक्खयरो।।60।। सयल-वियप्पे थक्केउप्पज्जइ को वि सासओ भावो।जो अप्पणो सहावोमोक्खस्स य कारणं सो खु।।61।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 30 : : तत्त्वसार गाथा 58 – 59ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर उभय-विणट्ठे भावेणिय-उवलद्धे सु-सुद्ध-ससरूवे।विलसइ परमाणंदोजोईणं जोय-सत्तीए।।58।। किं किज्जइ जोएणंजस्स य ण हु अत्थि एरिसी सत्ती।फुरइ ण परमाणंदोसच्चेयण-संभवो सुहदो।।59।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 29 : : तत्त्वसार गाथा 56 – 57ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर स-सहावं वेदंतोणिच्चल-चित्तो विमुक्क-परभावो।सो जीवो णायव्वोदंसण-णाणं चरित्तं च।।56।। जो अप्पा तं णाणंजं णाणं तं च दंसणं चरणं।सा सुद्ध-चेयणा वि यणिच्छय-णयमस्सिए जीवे।।57।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 28 : : तत्त्वसार गाथा 54 – 55ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर सुह-दुक्खं पि सहंतोणाणी झाणम्मि होइ दिढ-चित्तो।हेऊ कम्मस्स तओणिज्जरणट्ठं इमो भणिओ।।54।। ण मुएइ सगं भावंण परं परिणमइ मुणइ अप्पाणं।जो जीवो संवरणंणिज्जरणं सो फुडं भणिओ।।55।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 27 : : तत्त्वसार गाथा 52 – 53ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर भुंजंतो कम्म-फलंभावं मोहेण कुणइ सुहमसुहं।जइ तो पुणो वि बंधइणाणावरणादि-अट्ठ-विहं।।52।। परमाणु-मित्त-रायंजाम ण छंडेइ जोइ स-मणम्मि।सो कम्मेण ण मुच्चइपरमट्ठ-वियाणओ समणो।।53।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ https://youtu.be/eW5Kig6zHBE तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 26 : : तत्त्वसार गाथा 50 – 51ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर जं होइ भुंजियव्वंकम्मं उदयस्स आणियं तवसा।सयमागयं च तं जइसो लाहो णत्थि संदेहो।।50।। भुंजंतो कम्म-फलंकुणइ ण रायं तह य दोसं च।सो संचियं विणासइअहिणव-कम्मं ण बंधेइ।।51।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

◆ अवकाश सूचना ◆ आप सभी पर्युषण पर्व की तैयारी में व्यस्त हो रहे होंगे। अतः कुछ दिन पूर्व से ही अवकाश की घोषणा की जा रही है। पर्युषण पर्व की समाप्ति के उपरांत पुनः तत्त्वसार गाथा 50 से आगे का स्वाध्याय प्रारम्भ किया जाएगा। इस वर्ष पर्युषण पर्व पर दिनाँक 10.09.21 से 19.09.21 तक […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● तत्त्वसार : Revision 5th week ● •Day 21 : गाथा 40 – 41 •Day 22 : गाथा 42 – 43 •Day 23 : गाथा 44 – 45 •Day 24 : गाथा 46 – 47 •Day 25 : गाथा 48 – 49 प्राकृत जैनागम के लिए समर्पित सर्वाधिक लोकप्रिय youtube channel को जरूर subscribe कीजिए […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 25 : : तत्त्वसार गाथा 48 – 49ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर मुक्खो विणास-रूवोचेयण-परिवज्जिओ सया देहो।तस्स ममत्ति कुणंतोबहिरप्पा होइ सो जीवो।।48।। रोयं सडणं पडणंदेहस्स य पिक्खिऊण जर-मरणं।जो अप्पाणं झायदिसो मुच्चइ पंच-देहेहिं।।49।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 24 : : तत्त्वसार गाथा 46 – 47ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर झाणट्ठिओ हु जोईजइ णो संवेइ णियय-अप्पाणं।तो ण लहइ तं सुद्धंभग्ग-विहीणो जहा रयणं।।46।। देह-सुहे पडिबद्धोजेण य सो तेण लहइ ण हु सुद्धं।तच्चं वियार-रहियंणिच्चं चिय झायमाणो हु।।47।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 23 : : तत्त्वसार गाथा 44 – 45ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर जो अप्पाणं झायदिसंवेयण-चेयणाइ-उवजुत्तो।सो हवइ वीयराओणिम्मल-रयणत्तओ साहू।।44।। दंसण-णाण-चरित्तंजोई तस्सेह णिच्छयं भणइ।जो झायइ अप्पाणंसचेयणं सुद्ध-भावट्ठं।।45।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 | शुद्ध […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 22 : : तत्त्वसार गाथा 42 – 43ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर दिट्ठे विमल-सहावेणिय-तच्चे इंदियत्थ-परिचत्ते।जायइ जोइस्स फुडंअमाणुसत्तं खणद्धेण।।42।। णाणमयं णिय-तच्चंमेल्लिय सव्वे वि पर-गया भावा।ते छंडिय भावेज्जोसुद्ध-सहावं णियप्पाणं।।43।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 21 : : तत्त्वसार गाथा 40 – 41ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर रायद्दोसादीहि यडहुलिज्जइ णेव जस्स मण-सलिलं।सो णिय-तच्चं पिच्छइण हु पिच्छइ तस्स विवरीओ।।40।। सर-सलिले थिरभूएदीसइ णिरु णिवडियं पि जह रयणं।मण-सलिले थिरभूएदीसइ अप्पा तहा विमले।।41।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य […]

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● तत्त्वसार : Revision 4th week ● •Day 16 : गाथा 30 – 31 •Day 17 : गाथा 32 – 33 •Day 18 : गाथा 34 – 35 •Day 19 : गाथा 36 – 37 •Day 20 : गाथा 38 – 39 प्राकृत जैनागम के लिए समर्पित सर्वाधिक लोकप्रिय youtube channel को जरूर subscribe कीजिए […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 20 : : तत्त्वसार गाथा 38 – 39ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर जम्मण-मरण-विमुक्काअप्प-पएसेहिं सव्व-सामण्णा।सगुणेहिं सव्व-सरिसाणाणमया णिच्छयणएण।।38।। इय एवं जो बुज्झइवत्थु-सहावं णएहिं दोहिं पि।तस्स मणो डहुलिज्जइण राय-दोसेहिं मोहेहिं।।39।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग | गाथा 01-74 […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 19 : : तत्त्वसार गाथा 36 – 37ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर चेयण-रहिओ दीसइण य दीसइ इत्थ चेयणा-सहिओ।तम्हा मज्झत्थो हंरूसेमि य कस्स तूसेमि।।36।। अप्प-समाणा दिट्ठाजीवा सव्वे वि तिहुयणत्था वि।सो मज्झत्थो जोईण य रूसइ णेय तूसेइ।।37।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 18 : : तत्त्वसार गाथा 34 – 35ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर पर-दव्वं देहाईकुणइ ममत्तिं च जाम तेसुवरिं।परसमय-रदो तावंबज्झदि कम्मेहिं विविहेहिं।।34।। रूसइ तूसइ णिच्चंइंदिय-विसएहि वसगओ मूढो।सकसाओ अण्णाणीणाणी एत्तो दु विवरीदो।।35।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | द्रव्यानुयोग […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●

● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 17 : : तत्त्वसार गाथा 32 – 33ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर मण-वयण-काय-रोहेरुज्झइ कम्माण आसवो णूणं।चिर-बद्धं गलइ सयंफल-रहियं जाइ जोईणं।।32।। ण लहइ भव्वो मोक्खंजाव य पर-दव्व-वावडो चित्तो।उग्ग-तवं पि कुणंतोसुद्धे भावे लहुं लहइ।।33।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी […]

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● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 16 : : तत्त्वसार गाथा 30 – 31ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर जह जह मण-संचाराइंदिय-विसया वि उवसमं जंति।तह तह पयडइ अप्पाअप्पाणं जह णहे सूरो।।30।। मण-वयण-काय-जोयाजइणो जइ जंति णिव्वियारत्तं।तो पयडइ अप्पाणंअप्पा परमप्पय-सरूवं।।31।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ तत्त्वसार | आचार्य देवसेन स्वामी | […]

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