विद्याधर से विद्यासागर

#शेयर#विद्याधर_से_विद्यासागर (किताब)#प्रथम_आहार: आज आहार के लिए एक नहीं दो मुनि निकले हैं नसियां जी से। आगे हैं मुनिवर ज्ञानसागरजी पीछे हैं विद्यासागरजी अन्य दिनों की तुलना में आज चौके ज्यादा लगे हैं। घरों के समक्ष जनसमुदाय भी अधिक है।सभी के चेहरे पर कौतूहल है- देखें, युवा मुनि विद्यासागर की विधि कहाँ बनती हैI पहले चौका […]

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विद्याधर से विद्यासागर

शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 ब्रह्मचारी विद्याधर देखते ही देखते हो गए पूज्य मुनि १०८ श्री विद्यासागर। समूह शांत है। विद्या के दर्शन में मग्न अपार जन्मेदनी की लालसापूर्ण हुई है। सब की आँखों में विद्याधर बालयति महावीर की तरह समाते जा रहे हैं। कोई आँखें हटाने तैयार नहीं है, एक टक देख रहे हैं। सदलगा […]

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विद्याधर से विद्यासागर

शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 केशलुंचन पूर्ण होते ही पंडितों-श्रावकों और अपार जनसमूह के समक्ष गुरु ज्ञानसागर संस्कारित कर उन्हें दीक्षा प्रदान करते हैं। विद्याधर वस्त्र छोड़ते हैं। तभी एक आश्चर्यकारी घटना घटती है। राजस्थान की जून माह की गरमी और खचाखच भरे पंडाल में २०-२५ हजार नर-नारी। समूचे प्रक्षेत्र पर तेज उमस हावी थी। लोग […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 मुनि_दीक्षा : दीक्षा समारोह प्रारम्भ होता है। ब्र विद्याधर खड़े होकर गुरुवर की वंदना करते हैं, हाथ जोड़कर दीक्षा प्रदान कर देने की प्रार्थना करते हैं। गुरुवर का आदेश पाकर विद्याधर वैराग्यमयी, सारगर्भित वचनों से जनता को उद्बोधन देते हैं, तदुपरांत विद्याधर ने हवा में उड़ने वाले केशों का लुंचन करना […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 जुलूस के ओर-छोर देखते चल रहे महावीर प्रसाद उसे आँखों से पी जाते हैं। उन्हें याद आता है वह क्षण जब विद्याधर १५ के रहे होंगे। सदलगा का वह घर जहाँ किशोर विद्याधर अपने कक्ष में बैठे जोर-शोर से बारह भावना पढ़ रहे हैं, लोक भावना का पद कुछ धीरे से […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 स्वागतनूतनमुनि, स्वागत आषाढ़ सुदी ५ वि.सं. २०२५, तदनुसार ३० जून, १९६८ का दिन। शहर अजमेर स्थान सोनी जी की नसियां सूर्य की प्रथम किरण नृत्य कर रही है। अभी-अभी बाल अरुण ने नेत्र खोले हैं। मठ, मढ़िया, मंदिर, नसिया, चैत्यालय मुस्का रहे हैं। उनके गर्भ से गूँजती पीतल के घंटों की […]

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विद्याधर_से_विद्यासागर

#शेयर#विद्याधर_से_विद्यासागर (किताब)#धर्म_क्षेत्र_का_बन्ना : दीक्षा से एक दिन पूर्व विद्याधर को विशेष विधि से आहार लेना था। कहें ब्रह्मचारी के रूप में किन्तु मुनि की तरह खड़े होकर, करपात्री बनना था। इस आहार के समय अत्यधिक जन समुदाय हो गया था। समय पर वे चौकी पर खड़े हो गए। श्रावकों को वही सुख, पुण्य, यश प्राप्त […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 परिवारकीमनोदशा : दरवाजे पर आहट सुनकर महावीर प्रसाद जी आगे बढ़े, देखते हैं तार आया है। वे कर्मचारी से तार लेकर पढ़ते हैं। चकित माता पिताजी को बतलाते हैं- ३० जून को विद्याधर की मुनि दीक्षा होने वाली है। बोले पिता कहाँ अजमेर में? ज्ञानसागरजी के पास? -जी हाँ। क्षण भर […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 सेठ जी की भाषा पर करुणा हो आई महाराज जी को वे उन समस्त श्रद्धालुओं को समझाने की दृष्टि से प्रवचन की रौ में बोल पड़े कोई साधक, कोई जिज्ञासु मेरी या आपकी इच्छा से वर्णी / क्षुल्लक / ऐलक / मुनि बने यह कैसे संभव है? सुनिए सेठ वृंद, सुनिए, […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 शांत बने रहे गुरुजी। उनसे पुनः अनुरोध दोहराया गया श्रेष्ठियों द्वारा, तो बोले- मैंने सब सोच-समझ लिया है। विद्याधर को समीप से परख लिया है। वह इस कार्य में न केवल सफल होगे, बल्कि मुनिपद की गौरव गरिमा बढ़ाएँगे। आप लोग निश्चिन्त रहे। -मगर अभी चार वर्ष रुक जाएं महाराज जी […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 सुकुमारललनकोमुनिन_बनाओ: श्रावकों श्रेष्ठियों के घर पर चर्चा जोर पड़ने लगी कि विद्याधर को मुनि दीक्षा दी जाने वाली है गुरुवर श्री ज्ञानसागरजी द्वाराश्रावकजन किलप उठे। नई उम्र में मुनि दीक्षा? उन्हें दुख हो आया। विद्याधर की कच्ची उम्र मुनि चर्या की वज्रता कैसे सहेगी? कुछ ऐसे भी सीमित ज्ञान वाले थे […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 पीड़ाकाराजकुमार : एक दिन की बात। रात को वे गुरुवर ज्ञानसागरजी को लघुशंका से निवृत्त कराकर लौट ही रहे थे कि एक बिच्छू ने उनके चरण स्पर्श कर लिए। बिच्छू तो धन्य हो गया, पर विद्याधरजी पीड़ा के सागर में डूबने उतराने लगे। उन्होंने गुरुजी को यथा स्थान पहुँचा दिया, उसके […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 अजमेरकाअपनत्व: अजमेर में उन दिनों त्याग बरस रहा था, वहाँ हर प्राण विद्याधर को गहराई से जानने लगा था, त्याग की परिभाषा समझाने लगा था। ज्ञानीजन आपस में चर्चा करते रहते। एक कहता-तप-सेवा-निष्ठा और ज्ञान को एक मूर्त्य देखना हो, ‘फोर इन वन’ तो देखो विद्याधर को कोई कहता यौवन को […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 अजमेरकाअपनत्व: अजमेर में उन दिनों त्याग बरस रहा था, वहाँ हर प्राण विद्याधर को गहराई से जानने लगा था, त्याग की परिभाषा समझाने लगा था। ज्ञानीजन आपस में चर्चा करते रहते। एक कहता-तप-सेवा-निष्ठा और ज्ञान को एक मूर्त्य देखना हो, ‘फोर इन वन’ तो देखो विद्याधर को कोई कहता यौवन को […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 इस प्रकार की चर्चाओं में जो रहस्य रहता हो, पर बतलाने वाले अपने मधुर संबंधों का वर्णन ही करना चाहते थे और कुछ नहीं। यही तो सांसारिकता का उच्च आदर्श है। प्रिय व्यक्ति जितनी दूरी पर जाता है, उसका स्मरण उतना ही अधिक आता रहता है। वहीं, बैठे-बैठे, चुपचाप सुन रहे […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 यात्रियों के पत्र, संदेश एवं सदलगा के श्रावकों की चर्चा से, विद्याधर के माता-पिता को राहत मिलती थी जी करता, कहीं न कहीं से समाचार मिलते ही रहें। कोई विद्या की चर्चा करता ही रहे। अजमेर जाने की तैयार में सभी रहते। माता-पिता तो चाहे जब कहते- तीर्थ को जाना है। […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 मीतकीखबरकबआयेगी : कोई तीर्थ यात्री संघ कभी सदलगा से निकलता तो वहाँ के लोग उनसे अजमेर के विषय में अवश्य पूछते थे, क्या आप अजमेर गये हैं? तीर्थयात्री न कर देते तो भी सदलगा निवासी चुप न रहते, प्रश्न कर बैठते क्या आप भविष्य में कभी वहाँ जायेंगे? इस बार भी […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 कसौटीबनीपरिणाम : ब्रह्मचारी हुए अभी कुछ ही माह बीते थे किन्तु उन्हें कसौटियों की चुनौतियों से होकर नित-नित निकलना पड़ रहा था। एक दिन पारस पारखी, गुरुवर ज्ञानसागरजी महाराज ने चुपके से अपनी पिच्छिका के पंख बिखेर दिये और फिर सहज होकर बोले- विद्याधर इस पिच्छिका को पुनः बना सकते हो […]

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शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 सेठ की बातों से विद्याधर मुस्का पड़े। बोले, रुको, अभी बतलाता हूँ। पहुँच गये गुरु चरणों के समीप। साथ में ले गये सेठ को बतलाया उसका मन्तव्य गुरुवर सब कुछ भाँप चुके थे। बोले- हां मैंने सेठ को बोला था कि पुरानी धोती फट जाने पर नवीन धारण करनी चाहिए। मगर…… […]

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