● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय●
● प्राकृत जैनागम मूलग्रन्थ स्वाध्याय● Day 11 : : तत्त्वसार गाथा 20 – 21ग्रंथकार- आचार्य देवसेन स्वामीप्रस्तुति- डॉ. पुलक गोयल, जबलपुर णत्थि कला संठाणंमग्गण-गुणठाण-जीवठाणाइं।ण य लद्धि-बंधठाणाणोदयठाणाइया केई।।20।। फास-रस-रूव-गंधासद्दादीया य जस्स णत्थि पुणो।सुद्धो चेयण-भावोणिरंजणो सो अहं भणिओ।।21।। Video के द्वारा अर्थ समझने के लिए click करें➡️ स्वाध्याय group को join करने के लिए m. 9314591397 पर […]
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