Blog

ललितपुर में पारौल के जैन मंदिर से 16 मूर्तियां चोरी चांदी के चार छत्र भी ले गए, समाज में आक्रोश

ललितपुर। उप्र के ललितपुर जिले के ग्राम पारौल प्राचीन जैन मंदिर से चोर पार्श्वनाथ भगवान सहित 16 मूर्तियां और चांदी के चार छत्र चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अफसरों ने मंदिर प्रांगण का जायजा लिया ओर चोरों की तलाश शुरू कर दी। चोरी की वारदात से जैन समाज में आक्रोश, अफसरों […]

Continue Reading

जैन धर्म तीर्थ यात्रा

जैन #तीर्थ #भाववन्दना #1️⃣ 1️⃣0️⃣0️⃣ भाग – 2️⃣ 💎 कैलाश पर्वत – अष्टापद निर्वाण भूमि 💎 अब हमारी भाववन्दना आगे बढ़ती है । 👉🏻 उत्तराखंड के जिले पिथौरागढ़ के सीमांत इलाके धारचूला से इस यात्रा की शुरुआत होती है। सड़क के रास्ते से आप धारचूला से तवाघाट पहुंचते हैं और यहीं से आदि कैलाश के […]

Continue Reading

जैन धर्म तीर्थ यात्रा

जैन #तीर्थ #भाववन्दना #1️⃣ 1️⃣0️⃣0️⃣ भाग – 1️⃣ आज से हमारी भाववन्दना प्रारंभ होती है, उस निर्वाण भूमि की, जहां से वर्तमान चौबीसी के प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव श्री आदिनाथ भगवान जी मोक्ष प्राप्तकर सिद्धशिला पर विराजित हुए । आज से चलते हैं, इस अविस्मरणीय भाव यात्रा पर — 💎 कैलाश पर्वत – अष्टापद निर्वाण भूमि […]

Continue Reading

साधु गंदे आदमी के विचारों में से अच्छाई निकाल लेता है

साधु गंदे आदमी के विचारों में से अच्छाई निकाल लेता है-सुधासागरजी महाराज ललितपुर ये शरीर स्वभाव से अशुचि है। इस अशुचि पैरों को भी रत्नत्रय ने पावन बना दिया।रत्नत्रय ने इस‌ अशुभ शरीर को भी पवित्र बना दिया। इसी प्रकार जो शुचिता प्रकट हुई है वह शौचधर्म के बाद‌ शुचिता को प्राप्त हो जाती है।जिस […]

Continue Reading

फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के पांचवें रोज आज उत्तम सत्य धर्म की पूजा की गई

फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के पांचवें रोज आज उत्तम सत्य धर्म की पूजा की गई* फागी संवाददाताराजाबाबू गोधा दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े पर्व दशलक्षण महापर्व के अन्तर्गत फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाडा, चोरू, नारेड़ा, मंडावरी, मेंदवास,नीमेडा, लदाना ,सुल्तानिया जैन […]

Continue Reading

सभी पापों का जनक लोभ है – आदित्य सागर जी

इंदौर। कषाय की चार संतान हैं- क्रोध, मान, माया और लोभ। इन चारों संतानों में लोभ (कषाय) नाम की संतान सभी पापों, दुखों की जनक है। इसलिए लोभ को पाप का बाप कहा गया है। लोभी व्यक्ति आवश्यकता से अधिक धन एवं अन्य चल- अचल संपत्ति के संग्रह की इच्छा पूर्ति के लिए येन केन प्रकारेण […]

Continue Reading

जीवन में लोभ, महापाप और पतन की वजहः मुनि सुधासागर जी

मुनि श्री ने शिविरार्थियों को दी शौच धर्म की सीख ललितपुर। क्षेत्रपाल मंदिर में पर्वराज पर्यूषण पर मुनि सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा है कि धन लक्ष्मी को तिजोरी में बिना कारण रखना गृहस्थ के लिए पाप है। वो धन तुम्हें अभिशाप देगा। सरकार ने नोट लोगों में विनिमय के लिए छापा […]

Continue Reading

भीतरी कुभावनाओं को त्यागकर शुद्धता का प्रयत्न करना ही उत्तम शौच धर्म

महरौनी (ललितपुर)। दशलक्षण पर्व पर जैन मंदिरों में धर्म गंगा बह रही है। प्रातकाल से ही भक्तों की भीड़ मंदिरों में उमड़ रही है। जिन अभिषेक पूजन और दशलक्षण पूजन के साथ श्रावक भगवान जिनेन्द्र की आराधना में लीन हैं। श्री अजित नाथ दिगम्बर जैन बडा मंदिर में प्रात कालीन बेला में जिन अभिषेक पूजन किया […]

Continue Reading

नगर गौरव आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज का मनाया 73वां वर्षवर्धन दिवस

सनावद।  20 वीं सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधीश राष्ट्र गौरव वात्सल्य वारिधि तपोनिधि 108 आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी का शनिवार को सनावद नगर में 73वां वर्षवर्धन दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सन्मति जैन काका ने बताया कि इस कड़ी में सुबह सर्वप्रथम बड़ा जैन मंदिर […]

Continue Reading

शुचिता का विकास ही है उत्तम शौच धर्म

जोबनेर। आर्यिका रत्न 105 श्री नन्दीश्वरमति माताजी एवं आर्यिका 105 श्री विशेषमति माता जी के पावन सानिध्य में 1008 श्री बहत्तर जिन चैत्यालय बड़ा जैन मंदिरजी जोबनेर में भाद्रपद शुक्ला सप्तमी शनिवार को दशलक्षण महापर्व महामण्डल विधान पूजन में शौच धर्म की पूजा धूमधाम से की गई। विधान मण्डल पूजा की बोलियों में शांतिधारा सौधर्म की […]

Continue Reading

जब मन आकर्षण की ओर जाता है, तभी लोभ जागता है-मुनि श्री विशल्य सागर

झुमरी तिलैया (कोडरमा)। जैन धर्म का सर्वोच्च पर्व दशलक्षण पर्युषण का चौथा दिन जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया। झुमरी तिलैया में चातुर्मास कर रहे महासंत जैन मुनि श्री 108 विशल्य सागर गुरुदेव ने अपनी अमृत वाणी मे भक्तजनों को कहा कि सबसे बड़ी यदि कोई गंदगी है तो लोभ है, जो […]

Continue Reading

उत्तम सत्य आत्मा का एक गुण है। जैसे किसी पर बनावटी आवरण पड़ा हो और वह हट जाए तो वास्तविक तस्वीर निकल आती है, वही सत्य है। जिसमें कोई मिलावटी न हो, बनावटीपन न हो, कोई लाग-लपेट न हो वह सत्य है। ऋषि- मुनियों ने कहा है- ‘सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात्, न ब्रूयात् सत्यमप्रियम्।’ सत्य […]

Continue Reading

लोभ सर्व पापों को उत्पन्न करने वाला है- आचार्य श्री चैत्यसागर महाराज

आगरा। दिगम्बर जैन समाज ने दशलक्षण पर्व के चौथे दिन धर्मावलंबियों ने उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया। परम पूज्य आचार्य श्री चैत्यसागर जी महाराज ने श्री 1008 अग्रवाल दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मोती कटरा में उत्तम शौच धर्म पर बताते हुए कहा कि उत्तम शौच धर्म सब जगत में विख्यात है। यह लोभ […]

Continue Reading

लोभ का त्याग करना सिखाता उत्तम शौच धर्म-मुनिश्री प्रभात सागर

ललितपुर। वर्णीनगर मडा़वरा में दशलक्षण महापर्व के चतुर्थ दिवस उत्तम शौच धर्म के अवसर पर नगर में चातुर्मासरत आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य अष्टम् निर्यापक मुनिश्री अभय सागर,मुनिश्री प्रभात सागर, मुनिश्री निरीह सागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में श्री महावीर विद्या विहार के परिसर में प्रात:काल श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, […]

Continue Reading

सम्यग्दर्शन के साथ शुचिता ही उत्तम शौच है – आचार्य अतिवीर मुनि

रेवाड़ी। परम पूज्य आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज ने दशलक्षण महापर्व के अवसर पर अतिशय क्षेत्र नसिया जी में आयोजित श्री तीस चौबीसी महामण्डल विधान में धर्म के चतुर्थ लक्षण “उत्तम शौच” की व्याख्या करते हुए कहा कि शुचिता अर्थात् पवित्रता का नाम है शौच, जो कि लोभ कषाय के अभाव में प्रकट होता है। […]

Continue Reading

तीर्थराज पार्श्वनाथ पर्वत की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए होगी चिंतन बैठक

नई दिल्ली। शाश्वत तीर्थराज श्री पार्श्वनाथ की पर्वत श्रृंखला को इको सेंसटिव जोन घोषित करती हुई केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की राजपत्र अधिसूचना 2 अगस्त 2019 को निरस्त कराने एवं श्री सम्मेद शिखरजी पार्श्वनाथ तीर्थ क्षेत्र को ‘जैनों का पवित्रतम तीर्थ’ घोषित कराने के लिए ऑल इंडिया दिगंबर जैन महासभा की ओर से […]

Continue Reading

कुटिलता का त्याग ही है उत्तम आर्जव धर्म

जोबनेर। आर्यिका रत्न 105 श्री नन्दीश्वरमति माताजी एवं आर्यिका 105 श्री विशेषमति माता जी के पावन सानिध्य में 1008 श्री बहत्तर जिन चैत्यालय बड़ा जैन मंदिरजी में भाद्रपद शुक्ला छठ शुक्रवार को दशलक्षण महापर्व महामण्डल विधान पूजन में आर्जव धर्म पूजा धूमधाम से की गई। विधान मण्डल पूजा की बोलियों में शांतिधारा सौधर्म की बोली प्रवीण […]

Continue Reading

क्षुल्लक समर्पण साग़र जी महाराज के सानिघ्य में हो रही महती धर्म आराधना

क्षुल्लक समर्पण साग़र जी महाराज के सानिघ्य में हो रही महती धर्म आराधना देहरादून पूज्य क्षुल्लक 105 समर्पण साग़र जी महाराज के सानिघ्य में पर्युषण पर्व पर महती धर्म आराधना हो रही है। रात्रि में अभूतपूर्व सांस्क्रतिक प्रस्तुति हो रही है साथ ही सुबह अभिषेक शान्तिधारा में युवाओं का उत्साह देखते ही बनता है पूज्य […]

Continue Reading

फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के पांचवें रोज आज उत्तम सत्य धर्म की पूजा की गई

फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के पांचवें रोज आज उत्तम सत्य धर्म की पूजा की गई फागी संवाददाताराजाबाबू गोधा दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े पर्व दशलक्षण महापर्व के अन्तर्गत फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाडा, चोरू, नारेड़ा, मंडावरी, मेंदवास,नीमेडा, लदाना ,सुल्तानिया जैन […]

Continue Reading

सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के चोथे रोज आज उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई आचरण में नम्रता तथा विचारों में निर्मलता लाना ही उत्तम शौच धर्म कहलाता है

फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के चोथे रोज आज उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई आचरण में नम्रता तथा विचारों में निर्मलता लाना ही उत्तम शौच धर्म कहलाता है दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े पर्व दशलक्षण महापर्व के अन्तर्गत फागी कस्बे […]

Continue Reading