सूर्य पहाड़ अतिशय क्षेत्र में है भगवान आदिनाथ का बसेरा यहां भगवान आदिनाथ के प्राचीन चित्र मिले

JAIN SANT NEWS गुवाहाटी

गुवाहाटी से 135 k.m.दूर पश्चिम की तरफ अवस्थित ग्वालपाड़ा जिले के अन्तर्गत श्री सूर्य पहाड़ पर भगवान आदिनाथ बिराजे हैं। पढ़िए,गुवाहाटी से हमारे सहयोगी सुनील सेठी की रिपोर्ट सूर्य पहाड़ एक प्राचीन और एतिहासिक धर्मस्थल है । जहां महाभारत कालीन प्रतिमाएं और अनेकों स्मृति चिन्ह पाये गये हैं। इसी ऐतिहासिक धर्मस्थल पर दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के चित्रांकन पाये गये हैं जिसकी वजह से यह प्रमाणित होता है कि अनादिकाल से यह क्षेत्र हमारे ऋषि-मुनियों की साधना का केंद्र रहा है और इसी कारण यह जैन धर्म के लिए महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल‌ बन‌ गया है।

हालांकि इस सूर्य पहाड़ में हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के पुराने अवशेष, मंदिरों के अवशेष आदि प्राप्त हुये हैं जिसकी वजह से दिगम्बर जैन समाज के साथ साथ स्थानीय लोगों के लिए भी यह परम पवित्र स्थल माना गया है। जैन धर्मावलंबियों के आदिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पावन दिवस के उपलक्ष्य पर गुवाहाटी में ऐतिहासिक चातुर्मास समापन के उपरांत गुवाहाटी पंचायत एवं सूर्य पहाड़ अतिशय क्षेत्र विकास समिति के विशेष अनुरोध पर गत 22 जनवरी 2023 को सूर्य पहाड़ पर पूर्वोत्तर की सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से सामूहिक आयोजित भगवान आदिनाथ निर्वाण महोत्सव में सान्निध्य देने की स्वीकृति के आधार पर गणिनी पद विभूषित, पूर्वोत्तर जिनधर्म वर्धिनी, आर्यिका शिरोमणि पूज्या गुरु मां 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ का गत 19 जनवरी 2023 को भव्य मंगल प्रवेश हुआ था। भगवान आदिनाथ निर्वाण महोत्सव के पावन दिवस पर आयोजित धर्मसभा में सूर्य पहाड़ अतिशय क्षेत्र विकास समिति की ओर से इस क्षेत्र के विकास के लिए पूज्य गुरु मां द्वारा प्रस्तावित नंदीश्वर दीप की रचना पूज्य गुरुमॉं ससंघ के सान्निध्य में तथा सन् 2023 का चातुर्मास भी इसी सूर्य पहाड़ पर करने का निवेदन गुरु मां को श्रीफल अर्पित कर किया गया था।

पूज्या गुरु मां 105 विन्ध्यश्री माताजी ससंघ सूर्य पहाड़ पर विराजमान

गुरु मां के दर्शन-वंदन, धर्मोपदेश एवं आहारादि का पुण्य हासिल करने के लिए पूर्वोत्तर की सकल दिगम्बर जैन समाज सहित भारतवर्ष की सकल दिगम्बर जैन समाज सादर आमंत्रित है। बाहर से पधारने वाले सभी अतिथियों के लिए अल्पाहार, वात्सल्य भोजन, चाय-पानी आदि की समुचित व्यवस्था इस क्षेत्र पर की गई है।

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