ललितपुर@राजीव सिंघई। श्री अभिनंदनोदय तीर्थक्षेत्र ललितपुर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री सुधासागर महाराज ने कहा कि जब तक जीवन में प्राण है तब तक प्रभु की भक्ति करो। शुद्ध भोजन करने से जहां शरीर स्वस्थ रहता है, वहीं असीम पुण्य का संचय होता है। अपने जीवन को संयत और संयमी रखने में ही आनंद है। प्रभु भक्ति का उदाहरण देते हुए मुनि श्री ने कहा कि जिस तरह शबरी ने प्रभु राम का इंतजार किया और दर्शन कर पुण्य कमाया, वह अपने आप में आदर्श और प्रेरणादायी है।

मुनि श्री ने आगे कहा कि दुनिया में जितनी भी वस्तुएं हैं, वह लाभप्रद और शक्तिदायी होती हैं। संसार की कोई भी वस्तु सर्वथा हानिकारक नहीं होती। जिस प्रकार माचिस की एक तीली से दीपक जल सकता है जिसका उपयोग प्रभु भक्ति के लिए किया जाता है, वहीं माचिस की तीली का दुरुपयोग दुर्गति का कारण भी बनता है।
प्रातःकाल मूलनायक अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ पर मूलनायक अभिनंदननाथ भगवान का अभिषेक भक्तजनों ने किया। इसके उपरान्त मुनि सुधासागर महाराज के मुखारविन्द से शान्तिधारा पुर्ण्याजक परिवारों ने कर गुरुदेव का आशीर्वाद ग्रहण किया। तदुपरान्त धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के अनावरण के साथ श्रेष्ठीजनों ने किया।
धर्मसभा का संचालन महामंत्री डा. अक्षय टडैया ने किया।
आज निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज को आहारदान अभय जैन मुन्ना साढमूल परिवार, मुनि पूज्य सागर महाराज को आहारदान भगवान दास कैलगुवा परिवार, धैर्यसागर महाराज को आहारदान नरेन्द्र जैन धौर्रा परिवार एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज को आहारदान का सौभाग्य विनोद कुमार देवेन्द्र कुमार पंगौरिया परिवार को मिला। सायंकाल जिज्ञासा समाधान के लिए श्रावक मुनि श्री सुधासागर महाराज के सम्मुख अपनी जिज्ञासाएं करते हैं और उनका निदान पाते हैं। गुरुभक्ति एवं संगीतमय आरती पुर्ण्याजक परिवार के साथ श्रद्धालु कर लाभान्वित हो रहे हैं। मुनि श्री एवं संघस्थ मुनि पूज्यसागर महाराज, एलक धेर्यसागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के दर्शनार्थ श्रद्धालुजन पहुंच रहे हैं।
