परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर गोठड़ा में धर्म की प्रभावना बढ़ा रही

JAIN SANT NEWS गोठडा बूंदी

परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर गोठड़ा में धर्म की प्रभावना बढ़ा रही

गोठडा/ बूदी

प. पू. भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी पद विहार करते हुए गांव – गांव में उपस्थित जनसमूह को धर्म से जोड़ने का प्रयास करते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है । वे जैन समाज ही नहीं अपितु जैनेतर समाज को भी जागरूक करने का प्रयास कर रही है । उन्होंने बताया कि हमें व्यर्थ के अंधविश्वासों में नहीं पड़ना चाहिए। अंधविश्वास का मतलब है किसी चीज पर बिना सोचे, समझे विश्वास करना। चाहे वह कोई ईश्वर हो या मनुष्य हमारे अंधविश्वास का प्रमुख कारण है। डर, मृत्यु का भय, परीक्षा में उत्तीर्ण होने का भय, नौकरी ना मिलने का भय, इत्यादि ऐसे और भी बहुत से उदाहरण है, जिनके डर के कारण हम अंधविश्वास पर विश्वास करने लगते हैं। देश में सबसे ज्यादा अंधविश्वास भारत में किया जाता है क्योंकि यहां पर लोगों के मन में भगवान के प्रति बहुत श्रद्धा है। इसीलिए लोग इस चीज का फायदा उठाते हैं और कहते हैं कि भगवान की आज्ञा का पालन करो विश्वास करना गलत नहीं है, लेकिन अत्यधिक विश्वास करना बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है। कहते हैं इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। लेकिन जो पाखंडी लोग होते हैं, वही इस अंधविश्वास का फायदा उठाते हैं। आप सभी उनकी बातों में आकर और उनके चंगुल में फंसकर सब कुछ लुटा देते हैं। इसलिये ऐसे लोगों से बचना चाहिए और अपने को इस अंधविश्वास पर विश्वास नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में आर्यिका श्री के पावन सानिध्य में कीर्ति स्तंभ के पोस्टर का विमोचन किया गया,समाज के मिडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि परम पूज्य भारत गौरव आर्यिकारत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में दिनांक 20 मई 2022 को छोटी काशी बूंदी की सुरम्य नगरी नैनवा में श्री चन्द्र सागर दिगम्बर जैन बाल विद्या मंदिर अंतर्गत प्रस्तावित विज्ञा दर्शन ब्राइट फ्यूचर एकेडमी एवं कीर्ति स्तंभ का भव्य से शिलान्यास होने जा रहा है। सभी से अनुरोध किया है कि कार्यक्रम में शिरकत कर धर्म लाभ प्राप्त करें।

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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