आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज ने ससंघ किया मंगल प्रवेश(उमड़ा जन सैलाब)
सवाईमाधोपुर
20 वी सदी के प्रथम दिगंबर जैनाचार्य शांतिसागरजी की अक्षुण परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य वर्धमान सागरजी ने 26 मुनि व आर्यिकाओं के ससंघ कर्नाटक प्रांत के बेलगांव से पद विहार कर विभिन्न मार्गों से होते हुए अहिंसा सर्किल आलनपुर स्थित दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी मंदिर में शुक्रवार की सुबह भव्य अगुवानी एवं जयकारों के बीच मंगल प्रवेश किया। आचार्य संघ की अगवानी के लिए समाज के प्रमुख लोगों सहित सैकड़ों भक्त सुबह से ही पलक पावड़े बिछाए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।।
भव्य शोभा यात्राशोभायात्रा संयोजक राजेश बाकलीवाल, सहयोगी पवन पहाड़िया व दिनेश गंगवाल के संयोजन में मुनि संघ को टोंक रोड़ आस्था सर्किल स्थित आदर्श विद्या मंदिर से हम्मीर सर्किल,आलनपुर लिंक रोड़ होते हुए चमत्कारजी मंदिर तक अनुशासित एवं भव्य शोभायात्रा के साथ लाया गया। जानकारी देते हुए समाज के प्रवक्ता प्रवीण कुमार जैन ने बताया की शोभायात्रा में सबसे आगे घोड़ो पर सवार बालक,धर्म ध्वजाऐं थामे सर्वार्थ सिद्धि नवयुवक मंडल के सदस्य,ऐरावत व शहनाई वादक चल रहे थे। साथ ही स्याद्वाद व चमत्कारजी महिला बैंड वादकों की मधुर स्वर लहरियां वातावरण को धर्ममयी बना रही थी। पुरुष वर्ग सफेद वस्त्र व महिलाऐं अपने-अपने संगठनों के गणवेश में थी। इस दौरान श्रद्धा का अद्भुत नजारा था। जगह-जगह श्रावकगण संघ के दर्शन करने,चरण छूने,पाद प्रक्षालन करने व आरती उतारने को आतुर थे। आचार्य संघ की जिधर नजर जाती वहीं उनका आशीर्वाद भी नजर आ रहा था। सेेवा मंण्डल चमत्कारजी के अध्यक्ष हरशीलाल जैन श्रीमाल के संयोजन में चमत्कारजी मंदिर सहित शोभायात्रा के मार्ग को जैन पताकाओ,बैनर,होर्डिंगस व स्वागत द्वारों से सजाया गया। इस मौके पर ऐसा लग रहा था जैसे समाज आचार्य वर्धमान सागरजी के रंग में रंग गया हो। पुरुष वर्ग सफेद वस्त्रों एवं महिलाएं अपने अपने संगठनों के गणवेश में नजर आई। समाज के प्रवक्ता प्रवीण जैन ने बताया कि मुनि संघ के चमत्कारजी मंदिर पहुंचने पर मंदिर के प्रवेश द्वार पर समाज अध्यक्ष रमेश चंद कासलीवाल,महामंत्री योगेंद्र पापड़ीवाल व चमत्कारजी मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेश बज सहित समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के सान्निध्य में गणमान्य लोगों ने आचार्य के पद प्रक्षालन किये और मंगल आरती उतार भव्य अगवानी की।
*रंगोली सजाई व शांतिधारा की*
संघ के सम्मान में सौभाग्यवती महिलाओं ने मंगल स्वरूप कलश धारण किए एवं मंदिर के प्रवेश द्वार पर रंगोली सजाई गई। जैसे ही संघ ने मंदिर में प्रवेश किया तो मंदिर परिसर वर्धमान सागरजी के जयकारों से गुंजायमान हो गया। संघ ने मंदिर की वेदियों में विराजित जिनेंद्र प्रतिमाओं के दर्शन किए व आचार्य वर्धमान सागरजी के मुखारविंद से उच्चारित मंत्रों के बीच सर्वार्थसिद्धि तीर्थ क्षेत्र समिति रणथंभोर के कोषाध्यक्ष तरुण बज ने जिनेंद्र देव की शांतिधारा कर विश्व कल्याण की कामना की।
धर्म सभा

इसके बाद संघ को सम्मान के साथ धर्म सभा के मंच तक लाया गया। धर्म सभा के प्रारंभ में सर्वार्थसिद्धि नवयुवक मंडल रणथंभोर के संरक्षक विनय पापड़ीवाल द्वारा आचार्य शांतिसागरजी के चित्र का अनावरण,चमत्कारजी मंदिर प्रबंध समिति उपाध्यक्ष अनिल पल्लीवाल द्वारा दीप प्रज्जवलन व सदस्य सुरेश सोगानी द्वारा चरण प्रक्षालन किए तथा बालिकाओं ने मंगलाचरण की नृत्य पूर्वक मनमोहक प्रस्तुति दी गई। समाज के महिला पुरुषों ने विनय पूर्वक श्रीफल भेंट कर चातुर्मास की विनती की गई। इस अवसर पर आचार्य वर्धमानसागरजी ने धर्म सभा को संबोधित कर गागर में सागर भरते हुए कहा कि भगवान आदिनाथ से लेकर महावीर पर्यंत तक सभी 24 तीर्थंकरों द्वारा प्रतिपादित धर्म को आत्मसात करने पर व्यक्ति का कल्याण हो सकता है।
धर्म सभा के मंच का संचालन चमत्कारजी मंदिर प्रबंध समिति के मंत्री महावीर बज ने किया। और श्रावकगणों ने मांगलिक प्रवचनों से अपने ज्ञान चक्षुओं को तृप्त किया। भोजन व्यवस्था संयोजक प्रकाश गोधा एवं उनकी टीम के संयोजन में स्थानीय समाज व आगंतुकों को प्रीतिभोज कराया गया। इस दौरान स्थानीय समाज के महिला,पुरुष,बच्चों सहित काफी संख्या में आस-पास व दूर-दराज इलाकों के धार्मिकजन मौजूद थे।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
