महज 19 वर्ष की उम्र में संयम पथ पर बड़े रीछा ग्राम गौरव सम्प्रज्ञ साग़र जी महाराज के 23 वे अवतरण दिवस पर भाव भीना नमन

JAIN SANT NEWS

महज 19 वर्ष की उम्र में संयम पथ पर बड़े रीछा ग्राम गौरव सम्प्रज्ञ साग़र जी महाराज के 23 वे अवतरण दिवस पर भाव भीना नमन

लोग कहते नियम संयम त्याग बुजुर्ग अवस्था मे करना चाहिये लेकिन यह सब गलत है बुजुर्ग अवस्था मे होने के बाद शरीर अश्क्त हो जाता है धर्म तो युवा अवस्था से ही करना चाहिए वैसा ही कर दिखाया रीँछा के युवा रोहित वेडाने जी हां यह युवा जान गया जब उम्र 19 की हुई तो संसार को नश्वर मानने लगा और इस अल्प उम्र में प्रथम पायदान रखते हुए विरक्ति का भाव लिए आजीवन ब्रह्मचर्य :21-2-2020) :रीछा ग्राम : आ. श्री 108 सुनील सागर जी महाराज से लेकर आगे बढ़ चले। अपने पिता श्री: राजेश जी वेडा. माता श्री रिंकू देवी जैन के संस्कार आज पल्लवित होकर परिलक्षित है। 30-9-2020 का जन्मा यह युवा . लौकिक शिक्षा : बी.ए. तक पूर्ण कर विरक्ति की और बढ़ चला आगे की और बढ़ चला .धार्मिक शिक्षा : गुरू चरणों में निकल पढ़ा रही हैं।यह पॉयदान बढ़ते हुए संयम रूपी. प्रतिमा रूप व्रत को अंगीकार कर 2020 की बेला में आ. श्री सुनील सागर जी महाराज से बगवास, प्रतापगढ़ 2 प्रतिमा व्रत को लिया। साथ ही 26 जुलाई 2020 को बगवास(प्रतापगढ़) नगर में आचार्य सुनीलसागर जी महाराज से दीक्षा लेकर क्षुल्लक श्री 105 सम्प्रज्ञसागर जी महाराज बन गए और आगे चलकर ये 15 oct 2021को अंदेश्वर पार्श्वनाथ, विजया दशमी के दिन उच्च पथ पर बढ़ते हुए अणुव्रती से महाव्रती हो गए चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज से मुनि दीक्षा को लेकर मानव देह को धन्य किया इतनी छोटी उम्र में साधना संयम की और अग्रसर रहना एक अपने आप में अदभुत है यह सभी को चकित कर देता है पूज्य मुनि श्री की विशेषता यह है की यह सदा ज्ञानार्जन एवं गुरुभक्ति में समर्पित है। धन्य हैं मुनि श्री अवतरण दिवस पर यही कामना है की आपका संयम रूपी चोला और वृद्धि को प्राप्त हो और आपका रत्नत्रय अनंत अनंत ऊँचाई की और को अग्रसर हो

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी

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