अद्भुत और अतिशयकारी जिनेन्द्र प्रभु का हुवा जैन मंदिर दुर्गापुरा में पदार्पण।
जयपुर
सायंकाल सूचना मिली की चाकसू से फागी रोड पर करीबन 10 किलोमीटर पर ग्राम कादेड़ा है जहा पर विशाल तालाब के किनारे पर विशाल शिवजी का मंदिर स्थापित है वहा पर पिछले 4 वर्ष से जमीन पर एक जैन प्रतिमा रखी हुई है।
यह समाचार लगने के बाद उस प्रतिमा के बारे में पूज्य गुरुमा गणिनी आर्यिका 105 श्री भरतेश्वरमति मां से चर्चा हुई तो गुरु मां ने प्रतिमा की फोटो देखते ही बताया की यह मनोज्ञ प्रतिमा चतुर्थ काल की हो सकती है एक बार जाकर इसे देखिए।
पूज्य गुरुमा के मंगलमय आशीर्वाद और आदेशानुसार दुर्गापुरा समाज से 7 समाज बंधु 1.15 बजे अतिशयकारी 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान के दर्शन करते हुए कादेड़ा ग्राम पहुंचे।
वहा पर जाकर वहा के पंडित से चर्चा हुई तो बताया की 4 वर्ष पहले यहां तेज वर्षा हुई तब यह प्रतिमा किनारे पर आई थी,तालाब में किसने डाली,कहा से आई कोई पता नहीं।

जब मूर्ति को नीचे से उठाकर सीमेंट की बेंच पर रखी तो जैसे प्रभु हमारे साथ चलने के लिए तैयार हो इतनी जल्दी और हल्के वजन से उठ कर सीमेंट की टेबल पर विराजमान किया करीबन 21 इंच की प्रतिमा जिसका वजन 25-30 kg होगा।
बोरिंग के पानी से प्रतिमा की अच्छे से सफाई करने पर देखा तो उस पर किसी भी प्रकार की प्रशस्ति या चिन्ह नही मिला ज्यादा देखने से पता चला की उस जगह पर जिस किसी ने भी प्रतिमा किसी जिनालय से लाई और पहचाना छुपाने की वजह से उस जगह पर ग्राइंडर से रगड़ कर निशान मिटा दिए जो अभी भी मौजूद हैं। खेर।
हम सब ने मिलकर उस प्रतिमा जी की सीमेंट, गन्दगी की सफाई करी इतने में वहा पर कादेड़ा ग्राम के अलग अलग समाज से करीबन 40-50 लोग वहा आ गए।
लेकिन शायद यही इस प्रतिमा का चमत्कार था,और पूज्य गुरुमा का आशीर्वाद की एक भी गांव वालो ने इसका विरोध नही किया बल्कि कहा कि यह महावीर भगवान की मूर्ति है इसे उचित स्थान पर ले जाकर पूजा पाठ करनी चाहिए।
सभी ने एक मत से वहा से प्रतिमा जी को दुर्गापुरा जैन मंदिर ले चलने का निर्णय किया।
जब जिन मंदिर में प्रतिमा लेकर आए तो पूज्य गुरुमा ने देखते ही कहा अहो भगवान कहा विराजमान थे।आप।
यह देखकर सभी लोगो के चेहरे पर खुशी दौड़ी।
पूज्य गुरुमा के आदेशानुसार प्रतिमा जी को गर्भ गृह में टेबल पर अभी विराजमान किया गया है।
गजब की मनोज्ञ प्रतिमा के दर्शन लाभ जरूर करे।
संकलित जानकारी प्रेषित
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
