मोह को त्यागकर आत्मा को बनायें पवित्र – मुनिश्री प्रभात सागर

JAIN SANT NEWS ललितपुर

ललितपुर। वर्णीनगर मडा़वरा में दशलक्षण महापर्व के नौवें दिन उत्तम आकिंचन्य धर्म उत्साह पूर्वक मनाया गया। आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य अष्टम् निर्यापक मुनिश्री अभय सागर, मुनिश्री प्रभात सागर, मुनिश्री निरीह सागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में श्री महावीर विद्या विहार के परिसर में प्रात:काल श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, संगीतमयी पूजन श्रद्धालुओं ने किया। शांतिधारा, श्रावक श्रेष्ठी, शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य हीरालाल, प्रो. दीपक भैया श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, पन्ना लाल, प्रकाश जैन मेडीकल, मयंक सेठ, धर्मेंद्र जैन सराफ परिवार को प्राप्त हुआ।इस दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री प्रभात सागर महाराज ने कहा कि उत्तम आकिंचन्य धर्म मोह का त्याग करना सिखाता है। गुस्सा, घमंड, कपट, लालच, शोक इन सभी मोह का त्याग करके ही आत्मा को शुद्ध बनाया जा सकता है। सब मोह प्रलोभनों और परिग्रहों को छोड़कर ही परम आनंद मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है। इसके बाद सायंकाल प्रतिक्रमण एवं भक्तिमय आरती की गई। प्रो. दीपक भैया के दशलक्षण धर्म पर उद्बोधन हुए।
रात्रि में अखिल भारतीय दिगम्बर जैन स्वस्ति महिला मंडल द्वारा नाटिका का मंचन किया गया। आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला के नन्हें-मुन्हें बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर को श्रावकों ने दिया दान
दशलक्षण महापर्व के दौरान श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के विद्वान देश-विदेश के विभिन्न स्थानों पर धर्म प्रभावना के लिए जाते हैं। उत्तम त्याग धर्म के अवसर पर सकल दिगम्बर जैन समाज समाज मडावरा के श्रावकों द्वारा संस्थान के लिए दान स्वरूप धनराशि प्रो. दीपक भैया को सौंपी गई।

शुक्रवार को मनाया जायेगा अनंत चतुर्दशी का पर्व
चातुर्मास समिति के महामंत्री डॉ. राकेश जैन सिंघई एवं मंत्री राजेश जैन सौंरया ने जानकारी देते हुए बताया कि दशलक्षण महापर्व के समापन पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के साथ-साथ अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। चतुर्दशी के दिन नगर में श्रीजी की विमान यात्रा निकाली जायेगी। भव्य जुलूस में दशलक्षण पर्व पर दस दिनों तक उपवास करने वाले श्रावक व श्राविकाएं जुलुस की शोभा बढ़ाएंगे। यह विमान यात्रा नगर में भ्रमण करते हुए श्री महावीर विद्या विहार परिसर में पहुंचेगी, जहां श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा व धार्मिक क्रियायें सम्पन्न होंगी।

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *