सिद्धचक्र महामंडल विधान में द्वितीय दिवस 16 अर्घ समर्पित किए गए
रामगंजमडी
नगर में अष्टानिका पर्व की बेला के द्वितीय दिवस पर सिद्धचक्र महामंडल विधान के 16 अर्घ समर्पित किए गए भक्त उत्साह से भरे दिखाई दिए। सुबह की बेला में श्रीजी की शान्तिधारा अभिषेक का पुण्य लाभ श्रीमान घासीलाल विनोद कुमार नीमी वाले परिवार व देवेंद्र कुमार अर्पित सुरलाया परिवार द्वारा किया गया

यह आयोजन प्रतिष्ठाचार्य सुनील शास्त्री के निर्देशन में हो रहा है साथ ही नगर के आकाश शास्त्री व प्रशान्त शास्त्री अपनी पूर्ण सहभगिता प्रदान कर रहे है। सभी भक्त गण अभूतपूर्व भक्ति नृत्य करते दिखाई दिए मानो ऐसा लगता है की सारा वातावरण भक्तिमय हो गया। वही संगीतकार प्रशांत जैन बमनी अपनी स्वर लहरों से सभी को भक्ति से ओत प्रोत कर रहे है। वही इस आयोजन के क्रम में प्रतिदिन संध्या बेला मे महाआरती का आयोजन किया जाता है


इस क्रम में बुधवार की संध्या बेला मे


महाआरती का पुण्य लाभ श्रीमान निर्मल कुमार, सन्तोष कुमार, अशोक कुमार, नरेंद्र कुमार लांबाबांस परिवार को मिला मंगल आरती भक्ति नृत्य हुए नज़र आए इसके उपरांत प्रशान्त शास्त्री ललितपुर ने अपने मंगल प्रवचनों में धर्म औऱ धर्मात्मा के विषय पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा जहाँ जहाँ धर्मात्मा होता है वहाँ वहाँ धर्म होता है उन्होंने कहा धर्मात्मा के अभाव मे धर्म का भी अभाव हो जाता है। उन्होंने रामचंद्र जी का उदाहारण दिया कहा पिता के कहने पर उन्होंने वन में जाना स्वीकार किया लेकिन वन में भी उन्होनें धर्म को नही छोड़ा साथ ही उन्होंने मानतुंग आचार्य का भी उदाहरण दिया जब उन पर संकट आया तो उन्होंने प्रभु आदिनाथ की स्तुति की और सब संकट दूर हो गए उन्होनें सभी को धर्म पर चलने की सीख दी।
अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
