बुंदेलखंड के प्रसिद्ध रजत तीर्थ क्षेत्र बंधाजी में दशलक्षण पर्व के पावन अवसर पर 170 समवशरण महामंडल विधान विश्व शांति महायज्ञ एवं आध्यात्मिक संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को घटयात्रा , वेदी शुद्धि , आचार्य निमंत्रण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। बुंदेलखंड सहित कई जगह से शिविरार्थी शिविर में भाग लेने बंधाजी पहुंच चुके हैं। आज शुक्रवार को श्रावण संस्कार शिविर शुरू होगा। आज से ही जैन धर्म का सबसे बड़ा पर्व पर्वराज पर्यूषण शुरू होने जा रहा है।
विधान एवं शिविर का आयोजन मुनि श्री विमलसागर, मुनि श्री धर्म सागर, मुनि श्री भाव सागर, मुनि श्री अचल सागर, मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के ससंध सानिध्य में हो रहा है। कार्यक्रम का निर्देशन एवं संचालन विजय भैया लखनादोन द्वारा किया जा रहा है। मुनि श्री विमल सागर महाराज ने पर्यूषण पर्व के एक दिन पहले अपने प्रवचनों में कहा कि अतिशय क्षेत्र बंधाजी में हमारा पहला चातुर्मास हो रहा है। और यहां 170 मंडलीय समवशरण विधान भी हो रहा है, साथ में लोगों नें आध्यात्मिक संस्कार शिविर का भी आयोजन किया है। यह सब अजितनाथ भगवान के अतिशय का ही प्रतिफल है। जब तक व्यक्ति का पुण्य नहीं होगा, तब तक उसको भगवान के दर्शन भी नसीब नहीं होते है, जो भी व्यक्ति इस आध्यात्मिक शिविर में एवं विधान में शामिल हो रहे है। अपनी द्रव्य का उपयोग विधान में कर रहे हैं। निश्चित ही वह पुण्यसाली जीव है।
