अतिशय क्षेत्र बंधाजी में पंच ऋषि राजो का चातुर्मास चल रहा है । उनके सान्निध्य में ही बंधाजी में इतिहास में पहली बार 170 समवशरण महामंडल विधान विश्व शांति महायज्ञ एवं आध्यात्मिक संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है । मुनिश्री विमल सागर ने कहा कि क्षमा धर्म हमें स्वर्ग का रास्ता बताता है । आयोजन ब्रह्मचारी विजय भैया लखनादौन एवं रजनीश भैया के निर्देशन में चल रहा है । श्रावक संस्कार शिविर के बारे में विजय भैया ने बताया कि शिविर में दिनभर कार्यक्रम आयोजित की जा रहे हैं । प्रदीप जैन ने बताया कि आज दोपहर 1.00 बजे से समवशरण महामंडल विधान शुरू हुआ । मुनिश्री विमल सागर महाराज ने प्रवचन में दशलक्षण पर्व के बारे में बताया । आज उत्तम क्षमा का लोगों ने पालन किया । मुनिश्री ने कहा कि किसी के प्रति बैर द्वेष भावना रखना क्रोध करना पाप की श्रेणी में आता है । मुनिश्री ने कहा कि आपकी किसी से बुराई है , उसको क्षमा करो यही जैनागम में क्षमा धर्म का मूल सार बताया गया है । उन्होंने कहा कि क्रोध हमें नरक की ओर ले जाता है और क्षमा धर्म हमें स्वर्ग का रास्ता बताता है । क्रोध निगोद की ओर ले जाने वाला है । क्रोध पाप है , क्षमा पुण्य है क्रोध विष है और क्षमा अमृत है । आप सभी बंधा जी में आए हो अमृत का पान करो विष का त्याग करो यही क्षमा धर्म का मूल सिद्धांत है ।
