कारंजा लाड, अमरावती से पुणे की दिशा में 65 किलोमीटर की दूरी पर है।
यहां ब्रह्मचर्याश्रम मंदिर में एक बच्चों का गुरुकुल भी है जहाँ बच्चे लौकिक और धार्मिक शिक्षा ग्रहण करते हैं। क्षेत्र में मुड़बद्री से लाई गई प्राचीन प्रतिमाये हैं। बस्ती में 2 और भी मंदिर हैं जहाँ 1200 साल प्राचीन कई प्रतिमाएं हैं।बस्ती के मंदिरों में ताड़पत्र के 58 ग्रंथ सुरक्षित हैं, जिनके विषय और आचार्यों की जानकारी नही मिल पाई। 600 घर की जैन समाज है और रुकने और भोजन की व्यवस्था ब्रह्मचर्याश्रम है। काष्ठसंघ के मंदिर में लकड़ी के अद्भुत स्तम्भ हैं जिन पर खूबसूरत नक्कासी है और रामायण महाभारत के कथानकों का सुंदर चित्रण है।
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प्राचीन प्रतिमाओं और ग्रंथो के दर्शन के लिए क्षेत्र की यात्रा जरूर करें।

