शिष्य की सम्यक श्रद्धा व दादागुरु के वात्सल्य का सुपारिणाम –

शिष्य की सम्यक श्रद्धा व दादागुरु के वात्सल्य का सुपारिणाम – सम्मेदशिखर जी शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर जी में विद्यमान मुनि श्री जयकीर्ति जी गुरुदेव विद्यमान है,जो वात्सल्य के साथ विनोदी स्वभाव के है हमेशा मुस्कुराता हुआ मुख मंडल जिनकी मुख्य पहचान है ऐसे गुरुदेव के शरीर में इसी अक्टूबर माह कोई रोग हुआ। जिससे […]

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