पति-पत्नी एक गाडी के दो पहिए – स्वस्ति भूषण माताजी –
पति-पत्नी एक गाडी के दो पहिए – स्वस्ति भूषण माताजी – जयपुर – जब तक नारी नही है तो मकान कहलाता है। नारी व परिवार के आने पर ही वह घर कहलाता है। पति पत्नी एक गाडी के दो पहिए है ।मन शांत रहने में पत्नि का बडी भूमिका रहती है। घर परिवार को स्वर्ग […]
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