त्याग के अहं का त्याग करना आकिंचन्य धर्म है – आचार्य अतिवीर मुनि
रेवाड़ी। परम पूज्य आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज ने दशलक्षण महापर्व के अवसर पर अतिशय क्षेत्र नसियां जी में आयोजित श्री तीस चौबीसी महामण्डल विधान में धर्म के नवम लक्षण “उत्तम आकिंचन्य” की व्याख्या करते हुए कहा कि त्याग करने के पश्चात् त्याग के अहं का भी त्याग करना आकिंचन्य धर्म है। ‘मैं’ और ‘मेरा’ […]
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