विद्याधर से विद्यासागर
शेयर 🤗 #विद्याधरसेविद्यासागर (किताब)😍 आत्माकीअनुगूँज : “मुझे पढ़ना हैं। मुझे कुछ सीखना है। मुझे कुछ कहना है मुझे कुछ खोजना है। मुझे साहित्य जानना है। साहित्य का वैभव पहचानना है। मुझे व्याकरण के आधार बिन्दु जानना है मुझे संस्कृत भाषा में परिपक्व होना है। मुझे अपभ्रंश बोली के संकेत देखना है। मुझे आत्म विकास करना […]
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