भगवान की भक्ति ही मुक्ति का आधार- महाराज

JAIN SANT NEWS जैन समाज पवई

पवई के ग्राम कुंवरपुर में जन्मे पन्ना जिला गौरव प्रवचन केसरी 108 परम पूज्य मुनिश्री विश्रांत सागर महाराज ससंघ का भव्य पावन वर्षायोग चातुर्मास 2025 समारोह पूर्वक छिंदवाड़ा जिला के छोटे से ग्राम चौरई में संपन्न हुआ समापन समारोह के अवसर पर विधान एवं पिच्छीका परिवर्तन समारोह 9 नवंबर को बुंदेलखंड के प्रथमाचार्य, उपसर्ग विजेता, राष्ट संत समाधि सम्राट, गणाचार्य 108 श्रीविराग सागर महा मुनिराज के परम प्रभावक सुयोग्य शिष्य श्रवण मुनिश्री 108 विश्रांत सागर महाराज ससंघ का पिच्छिका परिवर्तन महा महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 6 बजे अभिषेक, शांति धारा, पूजन विधान पश्चात समवशरण में गणधर के रूप में विश्रांत सागर महाराज विराजमान होकर दिव्य देशना खिरी जिसे सुनने देव गति, मनुष्य गति, तिर्यन्च गति, समस्त प्रकार के व्यंतर जाति के देवों द्वारा शंका का समाधान मुनिश्री द्वारा किया गया।

तत्पश्चात श्रीजी की भव्य एवं दिव्य शोभा यात्रा चौरई नगर के मुख्य मार्गो से गाजे-बाजे, बग्घी, दिव्यघोष, शहनाई के साथ गुरु देवा विराग सागर विशुद्ध विश्रांत सागर के उदघोषो से संपूर्ण आकाश जयकारों से गुंजायमान रहा।

वहीं मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के सहित विभिन्न प्रांतो से भारी संख्या में उपस्थित जनसमूह नाचते थिरकते भक्ति रस में डूबे मुख्य कार्यक्रम स्थल पहुंचे दोपहर 2.30 बजे से पिच्छिका परिवर्तन समारोह का शुभारंभ युवा विधानाचार्य अंकित भैया धनेटा, गगनदीप फणीन्द बड़ागांव के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।

मुनिश्री विश्रांत सागर जी ने अपने उपदेश में बताया कि प्रभु की भक्ति से ही मुक्ति का रास्ता मिल सकता है। विश्व कल्याण की भावना के साथ यह समवशरण हम सभी के जीवन में कल्याणकारी हो। दया ही धर्म का मूल है प्रत्येक व्यक्ति को हमेशा जीवनभर प्रत्येक प्राणियों के ऊपर करुणा / दया करनी ही चाहिए।

एक दूसरे के प्रति मैत्री का भाव रखना चाहिए जिस प्रकार समवशरण में सभी जीवो को समानता का अधिकार मिलता है भगवान की महिमा समवशरण में जन्मजात शत्रु सर्प और नेवला एक साथ बैठकर दिव्य ध्वनि को श्रवण करते है, हमें भी इसी प्रकार सभी जीवो के प्रति प्रेम वात्सल्य एक दूसरे के प्रति भाईचारा एवं कल्याण की भावना निरंतर भानी चाहिए उससे हमारा भी कल्याण होगा जन-जन का कल्याण होगा। सायं को भव्य महाआरती, मुनि श्री का शंका समाधान, विधानाचार्य अंकित भैया जी के प्रवचन तत्पश्चात संस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुए।

कार्यक्रम में एन कुमार, अनिल गंगवाल, शरद, पप्पू लाल, रिंकू, मोहित वात्सल, रीतेश, अजय चौरई, भरत सेठ, घुवारा, राजेश जैन महामंत्री, संतोष जैन, कमल जैन, प्रसन्न जैन, चुन्नू जैन बड़ागांव, प्रदीप जैन छपरा, राकेश भेलसी संगीतकार इंदौर, क्षेत्रीय अंचल सहित छिंदवाड़ा, परासिया, कुंडा, अमरवाड़ा, सिंगोड़ी, कुंवरपुरा, पवई नागपुर, शिवनी, तेंदूखेड़ा, चिरगांव, घुवारा, बड़ागांव, बूंदी, सागर, सहित अनेक प्रांतो से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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