झुमरीतिलैया। 27.8 श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में चतुर्दशी महापर्व पर परम पूज्य जैन संत मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी मुनिराज का मंगल आशीर्वाद मैत्री समूह को प्राप्त हुआ। सुबह दोनों मंदिर जी में अभिषेक शांतिधारा के बाद मैत्री समूह के सदस्यों ने गुरूवर को मंगल विहार किया। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर गुरूवर का मंगल स्वागत किया। इसके बाद आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज के चित्र का अनावरण का सौभाग्य कतारासगढ़ से आई अविना(प्रिया) आशीष पहाड़िया को और जैन संत के चरण धोने का और शास्त्र भेट करने का सौभाग्य मैत्री समूह को प्राप्त हुआ।
किस्मत तो सबके पास होती है, लेकिन पुरुषार्थ और मेहनत करने से मनुष्य हमेशा अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है – मुनिश्री
इस दौरान गुरुदेव मुनि श्री ने मंगल प्रवचन कहा कि जीवन में लक दो अक्षर का,भाग्य ढाई अक्षर का,नसीब तीन अक्षर का,किस्मत साढ़े तीन अक्षर को बनाने वाला और 4 अक्षर का मेहनत कर इन चारों का निर्माण करने वाला पुरुषार्थ करोगे तो आपके जीवन में चमक आने लगेगी। जीवन को सफल बनाने में मेहनत और पुरुषार्थ का सबसे बड़ा योगदान होता है। किस्मत तो सबके पास होती है, लेकिन पुरुषार्थ और मेहनत करने से मनुष्य हमेशा अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है।
कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा,नवीन जैन ने बताया कि प्रवचन के बाद चातुर्मास संयोजक सुरेन्द जैन,मंत्री ललित जैन सेठी,महिला समाज की अध्यक्षता नीलम सेठी ने मैत्री समूह के सदस्य मनीष-सिमा सेठी,संदीप-अंजना सेठी,अनूप-पिंकी सेठी,संजय-बबिता गंगवाल,नवीन-संगीता सेठी,अजय-अलका सेठी,ललित-अंजू छाबड़ा, राज कुमार अजमेरा व सदस्यों का स्वागत माला और दुप्पट्टा पहनाकर किया। शाम के समय जैन मंदिर में भक्तामर और णमोकार मंत्र के पाठ के साथ आरती की गई।
