इंदौर । शहर में ऐसे भी लोग है जो समाज व पुण्य कार्यों को करने के लिए तत्पर रहते है व सुसज्जित मंडल जी तैयार किए जाते है। पिछले 50-60 वर्षों से पर्यूषण पर्व में सुगंध दशमी पर जैन मंदिरों में समाज संगठन द्वारा मंडल सजाओ प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। जहां सुदर्शन, आकर्षक और ज्ञानवर्धक मंडल जी को देखने धूप दशमी पर हजारों की संख्या में श्रावकगण आते हैं और अपनी प्रतिक्रिया विजिट बुक में अंकित कर जाते हैं। आयोजक संस्था की ओर से एक निर्णायक मंडल का गठन भी किया जाता है जो विभिन्न मंदिरों में जहां-जहां मंडल जी की रचना की जाती है वहां जाकर मंडल जी का अवलोकन करती है और पुरस्कार योग्य मंडल का चयन कर अपने निर्णय की घोषणा करती है।
सामान्यतः मंदिरों में अष्टानिका पर्व,पर होने वाले सिद्धचक्र मंडल विधान, नंदीश्वर महामंडल विधान, समोसरण विधान, भक्तांबर एवं पंच परमेष्ठी व शांति विधान में अर्ध समर्पित करने के लिए मंडल जी की रचना किए जाने की परंपरा है। चावल की रंग बिरंगी चूरी, मोरधन, पेचक (चमक), अनाज के दाने रंग-बिरंगे मोती आकर्षक लेस आदि के प्रयोग से मंडल विधान की रचना की जाती है।
विधान पूजन के निमित्त बनाए जाने वाले मंडल जी पर अर्घ समर्पित किए जाते हैं इसे ध्यान में रखते हुए मंडल जी का साइज व समर्पित किए जाने वाले अर्ध की संख्या के हिसाब से मंडल जी की रचना की जाती है। आज कल फ्लेक्स मुद्रित मंडल जी भी प्रयोग में आने लगे हैं लेकिन फ्लेक्स के मंडल जी धूप दशमी पर प्रदर्शित नहीं किए जाते कलाकार स्वयं श्रद्धा-भक्ति और निस्वार्थ भाव से मंडल जी की रचना करते है। जिसे तैयार करने में दो-तीन दिन का समय भी लगता है। दिन में कलाकार अपने काम व व्यापार का काम करते है तो अधिकांश रचना रात्रि कालीन समय में ही की जाती है। साथ ही कलाकार इस कार्य का पारिश्रमिक नहीं लेते। उनका सबसे बड़ा पारिश्रमिक जनता के द्वारा अवलोकन और अवलोकन के बाद की जाने वाली सराहना होती है।
मंडल जी की रचना वही कलाकार
सफलतापूर्वक कर सकते है जिनके मन में श्रद्धा, हाथों में हुनर हो। इंदौर नगर मैं प्रयास ग्रुप और प्रयत्न ग्रुप के सदस्य इस कार्य में निपुण हैं। वरिष्ठ कलाकारों में धरमचंद पापडीवाल, मिश्रीलाल जैन के नाम उल्लेखनीय हैं। वर्तमान में कांच मंदिर क्षेत्र से जुड़े प्रयत्न ग्रुप के भूपेंद्र भोपाली, भागचंद गोधा, राजेश पांड्या,वीरेंद्र देवरी जिनेंद्र कासलीवाल, महेंद्र अजमेरा, ललित गंगवाल, आदि मंडल जी की रचना में सदैव तत्पर रहते हैं ।
डॉ जैनेंद्र जैन मंत्री दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद इंदौर द्वारा राजेश जैन द्दू को बताया कि इसी प्रकार संविद नगर कनाडिया रोड जैन मंदिर से जुड़े पवन मोदी, वीरेंद्र पप्पन, पवन शाह, सुरेश जैन, पदम पहाड़िया प्रमुख कलाकार हैं जो आकर्षक मंडल विधान की रचना के लिए जाने जाते हैं और अपनी कला का प्रदर्शन अन्य शहरों के जैन मंदिरों में करने के लिए आमंत्रित किए जाते हैं ।
साथ ही बताया कि इंदौर नगर में श्वेतांबर जैन समाज की संख्या लगभग 75000 एवं दिगंबर जैन समाज की लगभग 75000 है।
