भगवान महावीर की चरण शरण में गुरुओं के सानिध्य में हमारी तकदीर ही नहीं तस्वीर भी बदल गई  आचार्य श्री वर्धमान सागर

JAIN SANT NEWS श्री महावीर जी

भगवान महावीर की चरण शरण में गुरुओं के सानिध्य में हमारी तकदीर ही नहीं तस्वीर भी बदल गई  आचार्य श्री वर्धमान सागर

श्री महावीर जी राजस्थान

हम सबका सौभाग्य है कि हमने तीर्थंकरों गुरुओं के कुल में जन्म लिया है ,भगवान द्वारा प्रतिपादित ध्वनि को गुरुओं ने शास्त्रों में लिपिबद्ध किया है। गुरु जनों ने जिनवाणी का अनुसरण कर जीवन को धन्य किया है। हम भी टूटी-फूटी नैया में थे, भगवान की शरण में यहां आकर गुरुजनों के सानिध्य में हमारी तकदीर नहीं तस्वीर भी बदल गई है ।

आचार्यश्री वर्धमान सागर जी महाराज श्री ने महावीरजी में आचार्य श्री वर्द्धमान सागर चातुर्मास कमेटी अंतर्गत आयोजित गुरु भक्ति कार्यक्रम में महती धर्मसभा को संबोधित किया।

आचार्य श्री ने धर्मसभा में आगे उपदेश में बताया कि महान गुरुजनों का परम आशीर्वाद हमारे सिर पर है उनके आशीर्वाद से संघ सहित संपूर्ण भारत में हम विहार कर रहे हैं ।

गुरुजनों के सानिध्य से आपकी भी तकदीर और तस्वीर बदल सकती है, इसके लिए धर्म का पालन करना होगा।

गुरुजनों का महत्व है उनके सानिध्य में भगवान बन सकते हैं क्योंकि भगवान बनने का मार्ग गुरुजन बताते हैं ।

भगवान श्री शांतिनाथ के पूर्व जैन धर्म की परंपरा खंडित हो गई थी जो भगवान शांतिनाथ के बाद से सतत चल रही है।

बीसवीं सदी में मुनि धर्म परंपरा को भी जो पूर्व में खंडित हो गई थी उसे पुनर्जीवित प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य शांतिसागर जी ने किया है ,वही अक्षुण्ण परंपरा निरंतर चल रही है। आज जितने भी मुनिराज दिख रहे हैं वह आचार्य श्री शांतिसागर जी की देन है।

भक्तों की भक्ति में शक्ति होती है भगवान की भक्ति से भगवान बनने के मार्ग पर चल सकते हैं ।

कुछ दिनों बाद दादी नानी दीक्षा समारोह होगा ।

स्त्री पर्याय के छेदन के लिए दीक्षा ही सर्वोत्तम मार्ग है ।

जो संयम पूर्वक समाधि मरण करते हैं वह शीघ्र ही मुक्ति को प्राप्त करते हैं इसलिए सभी को धर्म का महत्व समझना चाहिए ।

वर्तमान हालात में धर्म के प्रति रुझान कम होना चिंताजनक है टीवी, मोबाइल ने जीवन को उलट पलट दिया है। मानव धर्म की संस्कृति को भूल रहा है इस कारण रहन-सहन खान-पान स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव हो रहा है।हमें नूतन संस्कृति से बचकर उत्तम धर्म का पालन करना चाहिए। उसकी शरण से ही हमें मुक्ति मिल सकती है।

आचार्यश्री के मंगल उदबोधन के पूर्व मंगलाचरण श्री अंजू जैन महावीर जी ने किया ने किया। टोंक के आमंत्रित अतिथियों द्वारा भगवान श्री महावीर स्वामी के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्जवलनकिया।

प्रथमाचार्य आचार्य श्री शांति सागर जी सहित सभी पूर्वाचार्य को अर्ध संघस्थ श्रावकों श्राविकाओं एवम विभिन्न नगरों से पधारी समाज जन ने किया।

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी जी पूजन नेहा दीदी ने कराई।

आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन का सौभाग्य निखार क्रिएशन पाटनी परिवार जयपुर को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का संचालन प.मुकेश जैन ने किया। इस अवसर पर टोंक से पधारे श्रावकों ने वर्ष 2023 के चातुर्मास हेतु श्रीफल भेंट किया

राजेश पंचोलिया इंदौर वात्सल्य वारिधि भक्त परिवार

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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