रेल जोड़ो समिति के‎ संयोजक कमल विनायका ने पारसनाथ स्टेशन‎ से मधुबन होते हुए गिरिडीह स्टेशन‎ तक रेल लाइन जोड़ने की मांग की‎।

JAIN SANT NEWS पारसनाथ सम्मेद शिखर

रेल जोड़ो समिति के‎ संयोजक कमल विनायका ने पारसनाथ स्टेशन‎ से मधुबन होते हुए गिरिडीह स्टेशन‎ तक रेल लाइन जोड़ने की मांग की‎

पारसनाथ

पार्श्वनाथ भगवान की मोक्षस्थली स्वर्णभद्र कूट

मधुबन रेल जोड़ो समिति के‎ संयोजक कमल विनायका द्वारा  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन‎ को पत्र लिखकर पारसनाथ स्टेशन‎ से मधुबन होते हुए गिरिडीह स्टेशन‎ तक रेल लाइन जोड़ने की मांग की‎ है।

रेल जोड़ो समिति के संयोजक कमल विनायका

इन्होने अपने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय कहा की सन 1994 से लेकर‎ अब तक मधुबन रेल लाइन जोड़ो‎ अभियान चलाया जा रहा है लेकिन 2019‎ में इसमें सफलता भी प्राप्त की गई‎ जब केंद्र सरकार द्वारा नई रेल‎ लाइन परियोजना की स्वीकृति प्राप्त‎ हुई और इस वर्ष के बजट में नई‎ रेलवे लाइन हेतु 50 करोड़ की‎ स्वीकृति केंद्र सरकार से प्राप्त हो‎ चुकी है। जिसकी सुचना डीआरएम कार्यालय‎ धनबाद  दी जा चुकी है की जब‎ तक इस मद में झारखंड सरकार की‎ ओर से फंड एलॉटमेंट नहीं किया‎ जाएगा, तब तक धरातल में काम‎ प्रारंभ नहीं किया जा सकता है। यहां‎ यह बता दें कि केंद्र सरकार एवं‎ झारखंड सरकार के संयुक्त‎ स्वीकृति के बाद ही इस योजना की‎ स्वीकृति मिली है।‎

यहाँ पर देश-विदेश से अनेक तीर्थयात्री आते है विनायका द्वारा पत्र में लिखा की जिस तरह हिंदुओं का केंद्र बिंदु चारों‎ धाम मुसलमानों का मक्का मदीना सिखों का अमृतसर है, उसी प्रकार जैनियों के‎ लिए पारसनाथ की धरती है। इस धरती से 20-तीर्थंकर भगवान मोक्ष को प्राप्त किए‎ हैं, यहां का कण कण पूजनीय है। उन्होने पत्र मे यह उल्लेख भी किया की संपूर्ण विश्व के जैनियों के मन में‎ यह भावना रहती है कि हम एक बार पार्श्वनाथ का दर्शन कर मोक्ष को प्राप्त कर‎ जाएं, इसलिए पारसनाथ स्टेशन का महत्व न केवल झारखंड, भारत वरन संपूर्ण‎ विश्व में है। कमल विनायका ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है‎ कि साथ ही कहा की जल्द से जल्द फंड रिलीज कर इस नई रेल परियोजना को प्रारंभ कराने में‎ अपनी भूमिका निभाएं। साथ ही लिखा की  इस रेल परियोजना को बन जाने से इस क्षेत्र का संपूर्ण‎ विकास होगा। व आवागमन की सुविधा बढ़ेगी और बाबाधाम मधुबन एवं बोधगया‎ एक दूसरे से जुड़ जाएगा। विदित हो कि पारसनाथ से मधुबन होकर गिरिडीह‎ तक बिछने वाली नई रेल लाइन की लंबाई 49 किलोमीटर होगी।‎

संकलित अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी

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