मूर्ति को पाषाण से भगवान बनाने की प्रक्रिया है पंचकल्याणक प्रमाण सागर महाराज
धनबाद
शहर के धैया जैन मंदिर के होने जा रहे पंचकल्यानक प्रतिष्ठा महामहोत्सव का शुभारभ हो गया इस बेला मे रविवार काे भव्य शोभा यात्रा और घटयात्रा निकाली गयी। इस यात्रा मे 100 महिलाएं मस्तक पर जल कलश लेकर चली वहीं सभी मुख्य महापात्र इंद्र व इंद्राणी आकर्षक अपने मुख्य रथों पर विशेष वेशभूषा के साथ चल रहे थे। शाेभा यात्राका मुख्य आकर्षण मनमोहक झांकियां रही। शोभा यात्रा ने 2 किमी का नगर भ्रमण किया उपरान्त पंचकल्याणक महाेत्सव स्थल पर आई। वहा ध्वजारोहण व अन्य कार्यक्रम सम्पन्न हुए। ध्वजारोहण का पुण्य लाभ दुर्गापुर से आए धर्म प्रेमी अनिल जैन और उनके परिवार को मिला। व मंडप का लोकार्पण संदीप जैन और उनके परिवार ने किया।


इस अवसर पर मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने । पंचकल्याणक क्यों किया जाता है इस पर प्रकाश डाला । उन्होंने बताया कि मूर्ति को पाषाण से भगवान बनाने की प्रक्रिया है। इस पंच कल्याणक में जिस प्रकार मूर्ति पाषाण से भगवान बनते हैं सीख देते हुए कहा उसी प्रकार जो इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं उन्हें भी मानव से महामानव बनने का प्रयास करना चाहिए।
संकलित अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
