
बुंदेलखंड के प्रथम दिगम्बराचार्य विराग सागर महामुनिराज के शिष्य सनातन श्रमण परम्परा के अनुयायी ब्रह्मरूपी आरपी यदुवंशी जैन जतारा के ग्राम बैरवार में विगत 10 दिनों से धर्म की धारा से जैन ही नहीं, अपितु जन जन को परिचित करा रहे हैं तथा दशलक्षण महापर्व केवल जैन ही नहीं, बल्कि संसार के हर उस प्राणी के लिए उपयोगी है, जो संसार के दुखों से पार होना चाहते हैं। दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी तथा भगवान वासु पूज्य निर्वाण कल्याणक महामहोत्सव के मंगलमयी अवसर पर ब्र. ब्रह्मरूपी यदुवंशी जैन के सान्निध्य में चन्द्रप्रभु जिनालय बैरवार में मूलनायक भगवान चन्द्रप्रभु का पंचामृत महमस्तिकाभिषेक समस्त श्रावक जनों द्वारा किया गया। ग्राम के लोगों ने अनुमोदना कर भगवान के महमस्तिकाभिषेक को देख अपने जीवन को धन्य किया। इस मंगलमयी क्षण का समस्त ग्रामवासियों तथा सकल दिगम्बर जैन समाज बैरवार व अन्य लोगों ने लाभ लिया।
