भारतीय संस्कृति में परिणय संस्कार एक धार्मिक क्रिया है। प्रमाण सागर जी
धनबाद
पूज्य मुनि श्री 108 प्रमाणसागर महाराज ने भारतीय संस्कृति में परिणय संस्कार एक धार्मिक क्रिया बताते हुए इस पर प्रकाश डाला उन्होने कहा जिसमे एक पुरुष और एक नारी का विवाह होता है। वे जीवनभर साथ चलने की प्रतिज्ञा लेते हैं। इसीलिए इसे धर्म विवाह कहा जाता है और पत्नी को धर्मपत्नी। ये उदगार पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने धैया स्थित जैन मंदिर में गुरुवार काे शंका समाधान कार्यक्रम के दाैरान कहे। इसी तारतम्य मे मुनि श्री ने चार पुरुषार्थों में से तीसरे यानी काम पुरुषार्थ के विषय पर भी बताया इस विषय पर बोलते हुए उन्होने कहा कि काम सेवन गृहस्थ मनुष्यों के लिए संस्कृति में स्वीकार्य है, लेकिन यह भी सिर्फ धर्म के मार्ग पर हीस्वीकार्य है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
