अब पछताए क्या होय जब चिड़िया चुग गई खेत आर्यिका विज्ञाश्री माताजी

JAIN SANT NEWS नेनवा

अब पछताए क्या होय जब चिड़िया चुग गई खेत आर्यिका विज्ञाश्री माताजी

नेनवा

प. पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ का नैनवां से नगरफोर्ट के लिए मंगल विहार हुआ । माताजी ने नैनवां वासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि – हमें कभी भी बिना सोचे समझे कार्य नहीं करना चाहिये,इसका फल विपरीत ही प्राप्त होता है। एक दिन एक जंगली हाथी ने एक पेड़ की डाली तोड़ी, जिससे उस पर बना गौरैया का घोंसला टूट गया और उसमें रखे अंडे फूट गए,गौरैया का रोना सुनकर एक कठफोड़वा वहाँ आया और उससे रोने का कारण पूछने लगा गौरैया ने उसे सारी बात बताई कठफोड़वा बोला, “चलो, मक्खी की सलाह लेते हैं।” वे मक्खी के पास गए और उसे गौरैया की दर्द भरी कहानी सुनाई मक्खी ने मेंढक की सहायता लेने की सलाह दी। गौरैया, कठफोड़वा और मक्खी, तीनों मेंढक के पास गए और उसे पूरी बात बताई, मेंढक बोला, “हम सब एकजुट हो जाएँ तो हमारे सामने हाथी क्या कर लेगा? जैसा मैं कहता हूँ, वैसा ही करो। मक्खी, तुम दोपहर में हाथी के पास जाना और उसके कानों में कोई मीठी सी धुन सुनाना जब वह धुन में मग्न होकर अपनी आँखें बंद कर ले तो कठफोड़वा उसकी आँखें फोड़ देगा वह अंधा हो जाएगा और जब उसे प्यास लगेगी तो वह पानी की खोज करेगा तब मैं दलदल के पास जाकर वहाँ से टर्र-टर्र करने लगूगा ,वह समझेगा कि वहाँ पानी है और वह वहीं पहुँच जाएगा और दलदल में फँसकर मर जाएगा। ”चारों ने मेंढक की योजना के अनुसार अपने-अपने काम अच्छी तरह से किए और बिना सोचे – समझे काम करने वाला हाथी मारा गया । आप भी सोच समझ कर कार्य करें और प्रत्येक जीव के दर्द को समझें बूचड़खानों में जिन मूक पशुओ को पीड़ा देकर आप अपने फैशन की सामग्रियां एकत्रित करते हैं उन पर रोक लगाये तभी हमारा देश , समाज व राष्ट्र उन्नति कर सकता है । आर्यिका श्री का आज का रात्रि विश्राम सुवानियाँ में होगा।परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ का दिनांक 21 मई 2022 को शाम 5:30 बजे से नैनवा से नगर फोर्ट की मंगल विहार चल रहा है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *