गुरु चरणों मे मना मुनि श्री चन्द्रप्रभ सागर महाराज का दीक्षा दिवस

रहली
रविवार की अभूतपूर्व बेला में गुरु चरणों में मुनि श्री चन्द्रप्रभ साग़र महाराज का दीक्षा दिवस मनाया गया इस मांगलिक बेला में गुरु भक्ति के उपरांत पूज्य मुनि श्री चन्द्रप्रभ साग़र महाराज व संघस्थ मुनिराजों ने आचार्य श्री विद्यासाग़र महाराज की प्रदक्षिणा कर मंगल आशीष लिया। आचार्य श्री मंगलमय पूजन उपरान्त दीक्षा दिवस पर गुरु के समक्ष भाव विह्वल शब्दों में बोलते हुए मुनि श्री चन्द्रप्रभ साग़र महाराज ने कहा आज दीक्षा दिवस है, और हमारे गुरु हमारे सामने है। हमारी दीक्षा कैसे हुई यह हम गुरु के मुख से सुनना चाहते है। परन्तु गुरु की आज्ञाहै,कुछ बोले। महाराज श्री ने कहा 1999 मेंदीक्षा के बाद 23 वर्ष गुरु आज्ञा में निकले है। आगे भी गुरु आज्ञा का पालन करेंगे।पूज्य मुनि श्री के प्रवचन उपरांत आचार्य श्री ने मुस्कराते हुए व्यंग्यात्मक रूप में कहा जज का काम होता है सुनना, और वकील का काम होता है बोलने का पूज्य आचार्य श्री ने मुनि श्री को मंगलमयी आशीष प्रदान की।

आपको बता दे पूज्य मुनि श्री चद्रप्रभ सागर महाराज उत्कृष्ट तपस्या के धारी है, वे सिंहनिष्क्रीडित व्रत भी कर चुके है। वह एक आहार एक उपवास की तप साधना करते है। आप ज्ञान ध्यान तप में लीन रहने वाले समता साधक है।

इन पुनीत बेला में रामगंजमडी के भक्त गण शामिल रहे जिसमें संयम काला, आकाश जैन,प्रशांत जैन, सिद्धार्थ बाबरिया, देवांश जैन, प्रतीक सोनी ,आदीश जैन सम्मलित रहे। इन सभी ने पूज्य मुनि श्री की चरण वन्दना व मंगल आहार का सातिशय पुण्य लाभ लिया।अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
