




नगर में विराजमान परम पूष्या भारत गौरव गणिनी आर्यिका गुरु मां 105 विन्ध्य श्री माता जी ससंघ के सानिध्य में 20 सितम्बर को श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन नवीन जिनालय में मूलनायक वेदी सहित 2 वेदियों का शिलान्यास किया गया। शिलान्यास में हजारों लोगों ने सम्मिलित होकर पुण्यार्जन किया।

यह अनुष्ठान पूज्य गुरु मां के मार्गदर्शन एवं पं. कमलेश जी शास्त्री बनारस वालों के निर्देशन में किया गया। मूलनायक वेदी का शिलान्यास मंदिर शिलान्यासकर्ता संजीव, आशीष एवं आलोक जैन सपरिवार के द्वारा किया गया। द्वितीय वेदी का शिलान्यास पवन जैन, मधुर, मिलन, मनीष जैन के द्वारा किया गया। तृतीय वेदी का शिलान्यास वर्षायोग समिति इंद्रेश जैन, संयम जैन, अशोक जैन, आगम जैन अप्पू, नागेंद्र जैन, संजय जैन एवं समाज किया द्वारा गया। पूज्य गुरु मां के आशीर्वाद से नवीन जिनालय का कार्य किया जा रहा है। आगामी 2026 में सलेहा में भव्य पंचकल्याणक महोत्सव एक स्वर्णिम इतिहास रचने वाला है। पूज्य गुरु मां ने बताया कि जो प्राणी नवीन जिनालय में सहयोग करता है। वह अगले भव में अतुल संपदा प्राप्त करता है। धन-संपत्ति प्राप्त करता है। जो एक रुपए का दान देता है किसी न किसी भव में वह करोड़ों की संपति का मालिक होता है। उसे राज-वैभव की प्राप्ति होती है। धन की तीन गति होती है दान, भोग और नाश। प्राप्त हुई संपत्ति से दान करके अपने अगले भव में संपत्ति प्राप्त कर सकते हैं। भोग करके जीवन सुरक्षित बना सकते हैं। अन्यथा अंत में नाश तो होना ही है। हम इस दुनिया में खाली हाथ आए थे और खाली हाथ ही जाना है।
