सागर में सर्वतोभद्र जिनालय प्रथम तल पूर्णता की ओर
सागर/
दिगंबर मानसरोवर की राजहंस आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर महाराज के मंगल आशीर्वाद से सागर जैन समाज ने फरवरी 2017 में भाग्योदय तीर्थ परिसर में विश्व का इकलौता चतुर्मुखी जिनालय जिसका नाम पूज्य गुरुदेव ने सर्वतोभद्र जिनालय दिया था उसका निर्माण कार्य तेज गति से जारी है और इस वर्ष के अंत तक प्रथमतल पूर्ण हो जाएगा कुल कार्य का 40% कार्य लगभग हो चुका है आचार्य भगवान की कृपा से सकल जैन समाज सागर इस इतिहास को बनाने जा रही है मुकेश जैन ढाना ट्रस्टी सर्वतोभद्र जिनालय सागर ने बताया की पीले और लाल पत्थर का यह मंदिर ढाई हजार वर्षों के लिए बन रहा है इस मंदिर में 3 तल होंगे जिसमें प्रथम तीनों तल पर 108-108 प्रतिमाएं विराजमान होगी। मंदिर के 4 प्रवेशद्वार होंगे और 216 फीट की ऊंचाई होगी आचार्य भगवान कहते हैं मंदिर की पूर्णता के बाद जिस स्थान से इस मंदिर का शिखर दिखाई देगा वहां तक के वास्तुदोष समाप्त हो जाएंगे। निर्माण समिति के सभी सदस्य तन मन धन से मंदिर निर्माण में जुटे हुए है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमडी
