देवेंद्रनगर 25 फरवरी। प्रख्यात दिगम्बर जैन आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समाधिमरण के पश्चात सर्वधर्म विनयांजलि सभा का आयोजन 25 फरवरी को किया गया। यह विनयांजलि सभा अहं योग प्रणेता मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महराज जौ के आध्यात्मिक सानिध्य मे आयोजित हुई ।
जिसमें समूचे जैन समाज ने पुनः अपने प्रतिष्ठान बंद कर सभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, इस अवसर पर अजैन बंधुओं ने भी अपनी मंगल भावना पूज्य गुरुदेव को समर्पित की। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि पूरे भारत में एक मांत्र ऐसे संत जो पूरा बाल ब्रह्मचारी रहे हैं।
पूरे भारत में एक ऐसे आचार्य जिनका लगभग पूरा परिवार संयम के साथ मोक्षमार्ग पर चल रहा है। आचार्य श्री के सान्निध्य और मार्गदर्शन में अभी तक लगभग 70- 80 समाधियाँ संपन्न हो चुकी हैं।
इस अवसर पर नगर के पत्रकार चिकित्सक, शिक्षक, शासनिक व प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी वर्गों ने भी उपस्थित होकर गुरुदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की। जैन समाज के अध्यक्ष एडवोकेट प्रदीप जैन के अनुसार सलेहा रोड स्थित परिसर में दोपहर 1 बजे से आयोजित इस वृहद विनयांजलि सभा में न केवल जैन समाज के, वरन सभी धर्मों के अनुयायी अपनी भावभीनी विनयांजलि अर्पित कर पूज्य आचार्यश्री के विराट व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर प्रकाश डाला।
