धर्म में कितना समय दिया है वह महत्वपूर्ण है प्रज्ञा सागर जी महाराज
उज्जैन
तपोभूमि प्रणेता आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज के सानिध्य में उज्जैन के लक्ष्मी नगर में सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जा रहा है इस अवसर पर बोलते हुए मुनि श्री ने प्रभु भक्ति पर प्रकाश डालते हुए उसे विज्ञान से जोड़ते हुए कहा कि सूर्य की किरणों से तो विटामिन डी की प्राप्ति होती है लेकिन भगवान की पूजा से विटामिन जी की प्राप्ति होती है। सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत दूसरे दिन 16 अर्घ समर्पित किए गए।
उन्होंने कहा कि महामंडल विधान में बैठने से भगवान को देखने व निहारने के साथ गुरुवर का सानिध्य मिलता है। विशेष व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि दान और पूजा श्रावक का धर्म कहा गया है समाज की दृष्टि से जो पद आपके पास है उसका अच्छे से निर्माण होना चाहिए यानी उसी में जीना और उसी के विषय में सोचना चाहिए उदाहरण देते वह बताया की नेता या समाजसेवी बने या पत्रकार सभी पात्रों के भीतर यह समाहित होना चाहिए धर्म का पद पात्र बनना सामान्य बात नहीं है समाज के सचिव सचिन कासलीवाल और मंदिर सचिव सुशील लुहाडिया ने जानकारी दी कि महामंडल विधान 9 नवंबर तक चलेगा बुधवार की बेला में पधारे हुए अतिथियों ने चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन कर महाराज श्री का पाद प्रक्षालन किया इस अवसर पर निगम सभापति और न्यायाधीश का सम्मान भी किया गया
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंज मंडी
