आचार्य श्री ने जो धर्म की पताका लहराई है वह सचमुच अदभुत है दृढमति माताजी
साग़र
आचार्य भगवन्त विद्यासाग़र महाराज के अवतरण दिवस पर गुरु गुणानुवाद करते हुए कहा कि आचार्य भगवान ने दक्षिण भारत से निकल जैन धर्म की पताका को विश्व में पहराया है। आचार्य श्री स्वयम कठिन तप कर मोक्षमार्ग की और है और लाखो लोग उसी मार्ग पर है।
उदासीन आश्रम में साधना की प्रतिमूर्ति आर्यिका 105 दृढमति माताजी गुरुवर के जन्म दिवस पर बोल रही थी उन्होंने कहा गुरुवर ने जो विश्व मे जो धर्म की पताका को लहराया है वह सचमुच अद्भुत है।
उन्होंने हथकरधा, मूक पशुओं की रक्षा हेतु गोशाला, भाग्योदय तीर्थ, पूर्णायु, प्रतिभास्थली, बेटियों को संस्कारित शिक्षा देने जेसे कार्यो को अपना आशीर्वाद प्रदान किया है। पत्थर के मंदिरों को बनाने के विषय मे बोलते हुए कहा कि यह मंदिर हज़ारों सालों का इतिहास बन रहे है।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
