तीर्थ क्षेत्र में राई के बराबर प्रतिमा स्थापना भी दुर्लभ–अंकित भइया
अशोक नगर
जिले के सबसे बड़े तीर्थ दर्शनोदय तीर्थ थूबोनजी में सिद्धो की महा आराधना श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ की सभा को सम्बोधित करते हुए ब्रह्मचारी अंकित भइया ने कहा कि तीर्थ क्षेत्र पर भगवान की प्रतिमा विराजमान बड़े पुण्य से होती है मुनि पुगंव श्री सुधा सागरजी महाराज कहते हैं कि भगवान विराजमान कराने का सौभाग्य सभी को नहीं मिल सकता क्योंकि मन्दिरों में स्थान सीमित होता है ऐसे में सहस्त्रकूट में सभी भगवान बैठाने का सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं।
एक बार आचार्य श्री ने कहा था कि अपने जीवन में मौका मिले तो प्रतिमा अवश्य बैठा देना यदि तीन बार भोजन करते हो तो दो बार कर लेना दो बार खाते हो तो एक बार कर लेना और कुछ समय पानी पीकर रहना पड़े तो रह जाना लेकिन प्रतिमा जरूर बैठाना। आपको भाग्य से तीर्थ मिल गया है तो सेवा में पीछे मत रहना ये तीर्थ हमारी संस्कृति को वचाये हुए हैं




नो प्रतिमाये घोषित हुईं विधान के दौरान
थूबोनजी कमेटी के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि जेसे ही भी मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के तीर्थ क्षेत्र पर पदार्पण होगा उनके सानिध्य में शिलान्यास की तैयारी कमेटी की बनी है कमेटी के महामंत्री विपिन सिंघई ने कहा कि इसके साथ ही यहां असीम क़ालीन भक्तामर विधान भी कमेटी जल्द प्रारम्भ करने जा रही है।
इस दौरान सहस्त्र कूट जिनालय में नो प्रतिमाओं की घोषणा श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के दौरान प्रतिष्ठाचार्य अंकित भइया द्वारा कि गई इन सभी श्रेष्ठी जनों का सम्मान कमेटी के अध्यक्ष अशोक टीगूं मिल, महामंत्री विपिन सिंघई, मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा, आडीटर राजीव चन्देरी, शैलेन्द्र दददा, संजीव जैन रिक्कू बड़े बाबा का चित्र प्रदान किया गया माला श्री फल से सम्मान किया।
अर्घो का किया मंडल पर समर्पण
श्री सिद्धचक्र महा मंडल विधान में 64 व्यक्तियों ने चौंसठ रिद्धि विधान के साथ उपवास धारण कर अर्घ समर्पित करते हुए प्रभू चरणों में पुष्प अर्पित किए। इस दौरान विश्व शांति के लिए सैकड़ों मंत्रों के साथ विश्व शांति महायज्ञ में आहूतिया समर्पित की गई।इस दौरान प्रश्न उत्तरी का आयोजन किया गया। जिसमें मैना सुन्दरी श्री मति सपना जैन मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा संगीता जैन वीरेंद्र कुमार भोपाल सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
