सुगंध दशमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया

सुगंध दशमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया सोमवार की पावन बेला में पर्युषण पर्व 6 वे दिन को उत्तम संयम दिवस के रूप मे मनाया गया वही जिनालयों में भक्ति आराधना की धूम रही शान्तिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में लोकेश शास्त्री द्वारा तत्त्वार्थ सूत्र के 6 वे अध्याय पर प्रकाश डाला वही महावीर दिगम्बर जैन […]

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रत्नत्रय रूपी संयम से हम वास्तविक घर सिद्धालय को प्राप्त कर सकते हैं । संयम के पालन से जीवन मंगलमय होगा। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

रत्नत्रय रूपी संयम से हम वास्तविक घर सिद्धालय को प्राप्त कर सकते हैं ।संयम के पालन से जीवन मंगलमय होगा। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी श्री महावीर जी पंचेन्द्रिय के विषय , सार रहित है ,भय उत्पन्न करने वाले हैं ,संसार भ्रमण में दुख देने वाले हैं ,संसार में सुख नहीं मिलता ,इंद्रिय नाशवान है […]

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दिल्ली की शिखा जैन बनीं चौथे दिन की विजेता

किशनगढ़। श्रीफल न्यूज द्वारा दशलक्षण पर्व पर आयोजित हो रही विशेष 10 दिवसीय फोटो पहचानो प्रतियोगिता में चौथे दिन का परिणाम घोषित कर दिया है। चौथे दिन की प्रतियोगिता की विजेता दिल्ली निवासी शिखा जैन रहीं। श्रावकों के लिए बता दें कि आज प्रकाशित की गई फोटो ऊंन पावापुरी जैन मंदिरों की है। श्रीफल न्यूज परिवार […]

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लोभ से मुक्ति पाना कहलाता है उत्तम शौच धर्मः आर्यिका प्रश्न मति माताजी

धारियावाद । महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित दसलक्षण महापर्व के तहत शनिवार को प्रवचन में आर्यिका प्रश्न मति माताजी ने कहा कि उपयोग के लिए पूरी जिंदगी कमाते हैं। जितना लाभ होता है, उतना लोभ बढ़ता है। रात दिन कमाने के बावजूद व्यक्ति अंतराय कर्म के उदय के कारण उसका उपयोग नहीं कर सकते हैं। […]

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सत्य वचन कहने वाला कभी दुखी नहीं होताः आचार्य श्री चैत्यसागर जी महाराज

भगवान पुष्पदंतनाथ जी का मोक्ष कल्याणक दिवस के रूप में मनाया गया आगरा। दिगंबर जैन मंदिरों में दशलक्षण पर्यूषण महापर्व के पांचवें दिन रविवार को उत्तम सत्य धर्म एवं भगवान पुष्पदंतनाथ जी का मोक्ष कल्याणक दिवस के रूप में मनाया गया। पर्युषण पर्व के पांचवें दिन मोती कटरा स्थित श्री संभवनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्रीजी […]

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हित, मित् और प्रिय बोलकर सत्यवादी बनोः मुनि आदित्य सागर जी

इंदौर। जो वस्तु, स्वभाव जैसा है उसे वैसा ही कहना और स्वः पर हितकारी वचनों को बोलना सत्य धर्म है। सत्य बोलने वालों की विजय होती है एवं उसके साथ लक्ष्मी ,वैभव और यश कीर्ति भी सदा रहती है। झूठ स्वयं को भी और दूसरों को भी हानि पहुंचाता है। असत्य बोलने वाले की जग हंसाई […]

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व्यक्ति को हमेशा स्पष्टवादी होना चाहिएः मुनि श्री 108 विशल्य सागर गुरुदेव

झुमरी तिलैया (कोडरमा), 4 सितंबर। जैन धर्म का सर्वोच्च पर्व दसलक्षण पर्यूषण का पांचवां दिन जैन धर्मावलंबियों ने उत्तम सत्य धर्म के रूप में मनाया। झुमरी तिलैया में धर्म और ज्ञान की गंगा बहा रहे महासंत जैन मुनि श्री 108 विशल्य सागर गुरुदेव ने अपनी पीयूष वाणी मे भक्तजनों से कहा कि सत्य जहां खिल […]

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मौन और सत्य जीवन का आधार- श्रमण मुनि निरीह सागर

ललितपुर। वर्णीनगर मड़ावरा में दशलक्षण महापर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म के अवसर पर नगर में चातुर्मासरत आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य अष्टम् निर्यापक मुनिश्री अभय सागर, मुनिश्री प्रभात सागर, मुनिश्री निरीह सागर महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में श्री महावीर विद्या विहार के परिसर में प्रात:काल श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा,पूजन […]

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संगोष्ठी में नेत्रदान के लिए लोगों को प्रेरित किया

ललितपुर। समदृष्टि विकास अनुसंधान मण्डल सक्षम ललितपुर के तत्वावधान में कर्नियां अन्धत्व मुक्त भारत अभियान के तहत प्रशान्ति जूनियर हाईस्कूल, गांधीनगर के सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन साईंज्योति संस्था के डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव के मुख्यआतिथ्य एवं सक्षम जिलाध्यक्ष अक्षय अलया की अध्यक्षता में हुआ। संगोष्ठी में वक्ताओं ने नेत्रों को जीवनदायनी बताते हुए कहा कि […]

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सत्य शब्दात्मक नहीं, अनुभवात्मक है- आचार्य अतिवीर मुनि

रेवाड़ी। परम पूज्य आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज ने दशलक्षण महापर्व के अवसर पर अतिशय क्षेत्र नसिया जी में आयोजित श्री तीस चौबीसी महामण्डल विधान में धर्म के पंचम लक्षण “उत्तम सत्य” की व्याख्या करते हुए कहा कि झूठे वचनों का त्याग करना और आत्मा में सत्याचरण लाना सत्य धर्म है। जो वस्तु जैसी है, […]

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ललितपुर में पारौल के जैन मंदिर से 16 मूर्तियां चोरी चांदी के चार छत्र भी ले गए, समाज में आक्रोश

ललितपुर। उप्र के ललितपुर जिले के ग्राम पारौल प्राचीन जैन मंदिर से चोर पार्श्वनाथ भगवान सहित 16 मूर्तियां और चांदी के चार छत्र चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अफसरों ने मंदिर प्रांगण का जायजा लिया ओर चोरों की तलाश शुरू कर दी। चोरी की वारदात से जैन समाज में आक्रोश, अफसरों […]

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जैन धर्म तीर्थ यात्रा

जैन #तीर्थ #भाववन्दना #1️⃣ 1️⃣0️⃣0️⃣ भाग – 2️⃣ 💎 कैलाश पर्वत – अष्टापद निर्वाण भूमि 💎 अब हमारी भाववन्दना आगे बढ़ती है । 👉🏻 उत्तराखंड के जिले पिथौरागढ़ के सीमांत इलाके धारचूला से इस यात्रा की शुरुआत होती है। सड़क के रास्ते से आप धारचूला से तवाघाट पहुंचते हैं और यहीं से आदि कैलाश के […]

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जैन धर्म तीर्थ यात्रा

जैन #तीर्थ #भाववन्दना #1️⃣ 1️⃣0️⃣0️⃣ भाग – 1️⃣ आज से हमारी भाववन्दना प्रारंभ होती है, उस निर्वाण भूमि की, जहां से वर्तमान चौबीसी के प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव श्री आदिनाथ भगवान जी मोक्ष प्राप्तकर सिद्धशिला पर विराजित हुए । आज से चलते हैं, इस अविस्मरणीय भाव यात्रा पर — 💎 कैलाश पर्वत – अष्टापद निर्वाण भूमि […]

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साधु गंदे आदमी के विचारों में से अच्छाई निकाल लेता है

साधु गंदे आदमी के विचारों में से अच्छाई निकाल लेता है-सुधासागरजी महाराज ललितपुर ये शरीर स्वभाव से अशुचि है। इस अशुचि पैरों को भी रत्नत्रय ने पावन बना दिया।रत्नत्रय ने इस‌ अशुभ शरीर को भी पवित्र बना दिया। इसी प्रकार जो शुचिता प्रकट हुई है वह शौचधर्म के बाद‌ शुचिता को प्राप्त हो जाती है।जिस […]

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फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के पांचवें रोज आज उत्तम सत्य धर्म की पूजा की गई

फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के पांचवें रोज आज उत्तम सत्य धर्म की पूजा की गई* फागी संवाददाताराजाबाबू गोधा दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े पर्व दशलक्षण महापर्व के अन्तर्गत फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाडा, चोरू, नारेड़ा, मंडावरी, मेंदवास,नीमेडा, लदाना ,सुल्तानिया जैन […]

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सभी पापों का जनक लोभ है – आदित्य सागर जी

इंदौर। कषाय की चार संतान हैं- क्रोध, मान, माया और लोभ। इन चारों संतानों में लोभ (कषाय) नाम की संतान सभी पापों, दुखों की जनक है। इसलिए लोभ को पाप का बाप कहा गया है। लोभी व्यक्ति आवश्यकता से अधिक धन एवं अन्य चल- अचल संपत्ति के संग्रह की इच्छा पूर्ति के लिए येन केन प्रकारेण […]

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जीवन में लोभ, महापाप और पतन की वजहः मुनि सुधासागर जी

मुनि श्री ने शिविरार्थियों को दी शौच धर्म की सीख ललितपुर। क्षेत्रपाल मंदिर में पर्वराज पर्यूषण पर मुनि सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा है कि धन लक्ष्मी को तिजोरी में बिना कारण रखना गृहस्थ के लिए पाप है। वो धन तुम्हें अभिशाप देगा। सरकार ने नोट लोगों में विनिमय के लिए छापा […]

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भीतरी कुभावनाओं को त्यागकर शुद्धता का प्रयत्न करना ही उत्तम शौच धर्म

महरौनी (ललितपुर)। दशलक्षण पर्व पर जैन मंदिरों में धर्म गंगा बह रही है। प्रातकाल से ही भक्तों की भीड़ मंदिरों में उमड़ रही है। जिन अभिषेक पूजन और दशलक्षण पूजन के साथ श्रावक भगवान जिनेन्द्र की आराधना में लीन हैं। श्री अजित नाथ दिगम्बर जैन बडा मंदिर में प्रात कालीन बेला में जिन अभिषेक पूजन किया […]

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नगर गौरव आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज का मनाया 73वां वर्षवर्धन दिवस

सनावद।  20 वीं सदी के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधीश राष्ट्र गौरव वात्सल्य वारिधि तपोनिधि 108 आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी का शनिवार को सनावद नगर में 73वां वर्षवर्धन दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। सन्मति जैन काका ने बताया कि इस कड़ी में सुबह सर्वप्रथम बड़ा जैन मंदिर […]

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शुचिता का विकास ही है उत्तम शौच धर्म

जोबनेर। आर्यिका रत्न 105 श्री नन्दीश्वरमति माताजी एवं आर्यिका 105 श्री विशेषमति माता जी के पावन सानिध्य में 1008 श्री बहत्तर जिन चैत्यालय बड़ा जैन मंदिरजी जोबनेर में भाद्रपद शुक्ला सप्तमी शनिवार को दशलक्षण महापर्व महामण्डल विधान पूजन में शौच धर्म की पूजा धूमधाम से की गई। विधान मण्डल पूजा की बोलियों में शांतिधारा सौधर्म की […]

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