भक्तिमय 48 दिवसीय भक्तामर अनुष्ठान संपन्न
बड़नगर
श्रमशीलता,तन्मयता, तत्परता भरी अभिरुची जहां पर होती हैं वहां सफलता स्वत ही बरसती है। ऐसा ही देखने को मिला बड़नगर में जहा गणिनी आर्यिका 105 विशुद्धमति माताजी की शिष्या आर्यिका 105 विप्रभमति माताजी के सानिध्य में उत्साह, श्रमशीलता, तन्मयता,ललक,


तत्परता भरी अभिरुचि के साथ भक्तिमय 48 दिवसीय भक्तामर विधान हुआ। बुधवार को भक्तामर महाआराधना 48 दिवसीय पूर्ण होने के उपलक्ष में भक्तामर महामंडल विधान हुआ। जो संगीतमय स्वर लहरियों के साथ हुआ। विधान में उस 25 जोड़े शामिल हुए। वह अनेक भक्त गण सम्मलित हुए। स्वाध्याय भवन के हाल में आदिनाथ प्रभु की स्तुति कर सभी धन्य हो गए। इसी के साथ पूज्य माता जी के मुखारविंद से रिद्धि मंत्र के साथ दीप प्रज्ववलित किये गए। सभी ने शामिल होकर शुद्ध परिणामों की वृद्धि को बढ़ाया। एवम भावों की विशुद्धि की।
महिमा भक्तामर की
यह भक्तामर महामंडल विधान सुख समृद्धि, सर्व संकटहरण, रोग नाशक व अनेक चमत्कार से भरपूर है। हर काव्य मंत्र एक नई ऊर्जा का संचार करता है।
इस आयोजन को महिलामडल अध्यक्ष माला सोनी व समस्त महिलाशक्ति व भक्तो ने सफल बनाया। महिला मंडल अध्यक्ष माला सोनी ने बताया की प्रज्ञा पद्मिनी गणिनी आर्यिका 105 विज्ञमति माताजी द्वारा रचित भक्तामर स्त्रोत को हिंदी में रचित है। जिसे हमने 48 दिन तक किया। उन्होंने बताया की इनके द्वारा रचित हिंदी का यह पाठ बहुत ही भाव भरा हुआ। सरल सहज है। जो हृदय को छू लेता है। साथ ही अंदर में नई भक्ति श्रद्धा ऊर्जा का संचार करता। एवम पूज्य माताजी के चरणों में बड़नगर समूह कोटि कोटि वंदन करता है।
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
