फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व के सातवें रोज आज उत्तम तप धर्म की पूजा की गई
तप का उद्देश्य इच्छाओं और वासनाओं को नियंत्रण में रखते हुए भावों को शुद्ध रखना
फागी संवाददाता
राजाबाबू गोधा
दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े पर्व दशलक्षण महापर्व के अन्तर्गत फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाडा, चोरू, नारेड़ा, मंडावरी, मेंदवास,नीमेडा, लदाना ,सुल्तानिया जैन समाज के जिनालयों में पर्यूषण पर्व के तहत प्रातः अभिषेक शांतिधारा अष्टद्रव्यों से पूजा हुई। जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि आज सभी जिनालयों में उत्तम तप धर्म की पूजा की गई।कार्यक्रम में, चकवाड़ा गुणस्थली पर भी आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी,सुबोध मति माताजी स संघ के पावन सानिध्य में शांतिनाथ जिनालय में बृहद शांति धारा , तथा पंचामृत अभिषेक किए गए,गुणसागर जी महाराज के संघपती विमलकुमार बडजात्या मदनगंज किशनगढ़ तथा गुणस्थली के प्रवक्ता जय कुमार गंगवाल ने संयुक्त रूप से उत्तम तप धर्म की व्याख्या करते हुए बताया कि तपस्या का उद्देश्य इच्छाओं और वासनाओं को नियंत्रण में रखना,जिन भावों से मोह ,राग ,द्वेश रुपी मैल ,ओर शुद्ध ज्ञान दर्शन मय आत्मा, भिन्न भिन्न हो जाय वही सच्चा तप है।तप वह धर्म है जहां परिग्रह का त्याग किया जाता है। कार्यक्रम में नवीन गंगवाल ने बताया कि तप,संयम, साधना से मनुष्य मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है कार्यक्रम में ताराचंद जैन स्वीट केटर्स जयपुर,अशोक अनोपडा अध्यक्ष गुणस्थली अध्यक्ष, विमल कुमार बडजात्या संघपती गुणसागर जी महाराज मदनगंज किशनगढ़,कमल सोगानी दूदू, महेंद्र बावड़ी, महेंद्र कासलीवाल, विनोद कलवाडा फागी,नरेंद्र गंगवाल, हरकचंद गंगवाल,जयकुमार गंगवाल, एडवोकेट विनोद जैन, राजेंद्र काका, सुनील गंगवाल चकवाड़ा, त्रिलोक पीपलू तथा राजाबाबू गोधा फागी सहित काफी श्रावक श्राविकाएं मोजूद थे।
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
