फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व का हुआ भव्यता के साथ आगाज

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फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के सभी जिनालयों में जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्यूषण महापर्व का हुआ भव्यता के साथ आगाज दस दिवसीय दस लक्षण पर्व में 31अगस्त से 9 सितम्बर तक होंगे अनेक धार्मिक आयोजन

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दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े पर्व दशलक्षण महापर्व के अन्तर्गत फागी कस्बे सहित परिक्षेत्र के चकवाडा, चोरू, नारेड़ा, मंडावरी, मेंदवास,नीमेडा, लदाना ,सुल्तानिया जैन समाज के जिनालयों में पर्यूषण पर्व के तहत प्रातः अभिषेक शांतिधारा अष्टद्रव्यों से पूजा हुई। जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि पर्यूषण पर्व आध्यात्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आत्मा के शुद्धि का पर्व माना जाता है, कार्यक्रम में आज पार्श्वनाथ चेत्यालय में तत्त्वार्थ सूत्र विधान की पूजा की गई।कस्बे के आदिनाथ जिनालय में पूजा के दौरान समाज की वयोवृद्ध महिला शकुंतला छाबड़ा ने बताया कि इस पर्व में 10 दिनों में 10 धर्मोकी पूजा होती है, यह धर्म अपनी आत्मा के स्वभाव

क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, संयम, शौच ,तप ,त्याग, आकिंचन्य, एवं ब्रह्मचर्य दशलक्षण नाम से जाता है

इन्ही दस दिनो को हम पर्यूषण पर्व कहते हैं, समाज की मैना देवी गंगवाल तथा मनभर कासलीवाल ने बताया कि यह पर्व तप, त्याग,साधना का पर्व है, तथा समाज की चित्रा गोधा तथा राजकुमारी दोषी ने अवगत कराया कि इन दिनों में हिंसा,झूठ,चोरी, कुशील, परिग्रह इन पांचों पापों का और क्रोध, मान, माया, लोभ इन चारों कषायों का त्याग अवश्य करना चाहिय, कार्यक्रम में प्रथम दिन आज क्षमा धर्म की पूजा हुई जिस पर कमला भौंसा तथा प्रेमदौषी, ने अवगत कराया कि क्षमाभाव सभी के लिए हितकारी है क्षमा शब्द मानवीय जीवन की आधारशिला है जिसके जीवन में क्षमा है वही महानता को प्राप्त कर सकता है।

कार्यक्रम में समाज की शकुंतला छाबड़ा,कमला भौंसा,प्रेम दोषी,मैना गंगवाल,मनभर कासलीवाल,राजकुमारी दोषी, सीमा कासलीवाल, अंकिता गंगवाल, गरिमा गंगवाल, चित्रा गोधा, तथा प्रेमचंद भौंसा, केलास कासलीवाल,ओमप्रकाश कासलीवाल, शिखर गंगवाल, रवि एडवोकेट, राजेश छाबड़ा, ललित कासलीवाल तथा राजाबाबू गोधा सहित सभी श्रावक श्राविकाओं ने सहभागिता निभाते हुए पुण्यार्जन प्राप्त किया।

संवाददाता राजाबाबू गोधा फागी

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