
ललितपुर। निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में ललितपुर जैन समाज को पर्यूषण पर्व पर धर्म साधना करने का सुयोग्य अवसर मिलने पर श्रावक जहां उत्साहित हैं, वहीं दस दिवसीय श्रावक संस्कार शिविर में सम्मलित होने के लिए दूरांचलों से श्रावक पहुचेंगे। शिविर में मुनि श्री के सानिध्य में जहां धार्मिक पूजन विधान एवं संस्कारों का बोध मिलेगा, वहीं श्रावक संयम साधना के साथ संस्कारित दिनचर्या के माध्यम से अपने को धार्मिकता से जोड़ने के लिए प्रयास करेंगे।
श्रावक संस्कार शिविर में निर्धारित दिनचर्या के अनुसार श्रावक प्रातः मंगलध्वनि के साथ जागरण के उपरान्त सामूहिक प्रार्थना के बाद दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर ध्यान स्थल पर पहुचकर ध्यान करेंगे। प्रभु अभिषेक, सामूहिक पूजन के उपरान्त तत्वार्थ सूत्र का वाचन एवं अर्घ्य समर्पण की क्रियाएं होंगी। दशलक्षण धर्म पर मुनि श्री सुधासागर महाराज के प्रवचनों के उपरान्त श्रावकों के निवास पर शिविरार्थियों की आहारचर्या के बाद श्रावकों का सामूहिक सामायिक अध्ययन, पठन-पाठन होगा। दोपहर में छहढाला की सामूहिक कक्षा मुनि श्री पूज्यसागर महाराज एवं मुनि सुधासागर महाराज लेंगे। सायंकाल सामूहिक प्रतिक्रमण ऐलक श्री धैर्यसागर महाराज द्वारा एवं जिज्ञासा समाधान मुनि श्री द्वारा किया जाएगा। अलग-अलग स्थानों पर सामूहिक कक्षाओं के बाद अपने-अपने आवासों में शिविरार्थी पहुचेंगे, जहां उपचार वैयावृत्ति अध्ययन के उपरान्त पूर्ण विश्राम किया जाएगा। शिविरार्थियों की आवास व्यवस्था स्याद्वाद बाल संस्कार केन्द्र, वर्णी जैन कान्वेंट स्कूल, दीपचंद चौधरी महाविद्यालय में की गई है, जहां व्यवस्थाओं को अन्तिम रूप दिया जा रहा है।
व्यवस्थाओं को शिविर के पुर्ण्याजक अजित जैन गदयाना परिवार, निर्देशक अविनाश सिंघई, राजीव जैन लकी, अंशुल सिघई के साथ स्वयंसेवी संस्थाए जेैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, मंदिर प्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा, पंकज जैन मोदी, धार्मिक आयोजन संयोजक मनोज जैन बबीना के साथ विद्यासागर व्यायामशाला जैन मिलन मुख्य शाखा, जैन मिलन सिविल लाइन, जैन एम्बुलेंस सेवा समिति, मित्र मण्डल, मंगलवार भक्तामर मण्डल के स्वयंसेवक कर रहे हैं।
देश की अदालत में अपराधी होना महापाप- मुनि सुधासागर महाराज
क्षेत्रपाल मंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने कहा कि जीवन में कोई ऐसा कार्य नहीं करना, जिससे देश की अदालत में अपराधी बनना पडे़ और जेल की सजा भोगना पडे़। ऐसा अपराधी होना और उसे बचाना, दोनों ही महापाप हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा कार्य नहीं करना, जिससे मां-बाप को शर्मिन्दगी महूसस हो बल्कि ऐसा कार्य करना, जिससे हमारे मां-बाप का मस्तिष्क गर्व से ऊंचा रहे। जिन्दगी जब हमें मिली है तो उसको बर्बाद करने की अपेक्षा संवारनी होगी, उसी में कल्याण है।
रविवार को प्रातःकाल मूलनायक बेदिका पर अभिषेक के उपरान्त शान्तिधारा मुनि श्री सुधासागर महाराज के मुखारविन्द से हुई। इसके उपरान्त आचार्य श्री के चित्र का अनावरण श्रावक श्रेष्ठी परिवार द्वारा किया गया।
मुनि संघ की आहारचर्या के लिए श्रावक अपने घरों में चौका लगाकर पडगाहन के लिए क्षेत्रपाल मंदिर पहुंचते हैं, जहां भक्तिपूर्वक पडगाहन की क्रियाएं होती हैं, जिसको देखकर श्रावक पुर्ण्याजन करते हैं। मुनि श्री सुधा सागर महाराज को आज आहारदान शीलचंद, जिनेन्द्र जैन बल्लू बछरावनी, नगर गौरव पूज्य सागर महाराज को अंकित जैन बरोदा परिवार, ऐलक धैर्य सागर महाराज को सुरेश जैन एवं आकाश जैन भारत गैस एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज को मनीष जैन बुखारिया परिवार को पडगाहन का सौभाग्य मिला। सायंकाल जिज्ञासा समाधान में मुनि सुधासागर महाराज श्रावकों की जिज्ञासा का समाधान कर रहे हैं।
मुनि संघ की व्यवस्थाओं में संजीव जैन ममता, विजय जैन काफी सुधीर जैन सिवनी, जिनेन्द्र जैन डिस्को, यशवंत जैन, सिवर्थ जैन, नितिन जैन, अर्पित जैन बंटी, आयुश जैन रोडा, अर्पित जैन अंशुल, विमल पारौल, अन्तिम जैन, अनुराग सिंघई, अभिनंदन कुम्हैण्डी, जितेन्द्र जैन राजू, शुवेन्दु जैन के अतिरिक्त मीना इमलया, अनीता मोदी, नीलम सराफ, सरोज सिमरा, सपना समैया, अनुपमा बजाज, मीना बुढवार मधु खजुरिया, सुनीता टडैया आदि का सक्रिय योगदान मिल रहा है।
