प्राचीन तीर्थोद्धारक आचार्य श्री समतासागर जी गुरुराज का वर्षायोग स्थापना सम्पन्न-
बांदा
राजस्थान मेवाड़ व वागड के सिपुर,बस्सी व उपरगाव जैसे अष्ट शताब्दी वर्ष प्राचीन उपेक्षित जिनालयों का कायाकल्प कराने वाले तपस्वी सन्त आचार्य श्री समतासागर जी गुरूराज विगत वर्ष से अपने दीक्षा-शिक्षा गुरु आचार्य श्री सिद्धांत सागर जी भगवन्त की चरण वन्दना करके मध्यप्रदेश से उत्तरप्रदेश में विहार रत थे, जहाँ बांदा वालो के असीम पुण्य से पूज्य गुरुदेव के आराध्य इष्ट बांदा वाले देवाधिदेव श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान के दरबार मे वर्षायोग करने का निश्चय हुआ।

शाह मधोक जैन चितरी ने बताया की 19 जुलाई को गुरुदेव के चरणानुगामी,प्रत्येक दिगम्बर सन्त के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले,जिनकी जिनाशासन व गुरुओ के प्रति भक्ति की देवगण भी सराहना करते है ऐसे नितिन भैया सिपुर, सुकौशल जैन पाली,खुशपाल जैन व भरत जैन की उपस्थिति व प्रतिष्ठाचार्य श्री अरविंद जैन रामगढ़ के सानिध्य में श्री बांदा जैन समाज की भक्ति भव्यता के साथ स्थापना कार्यक्रम सानन्द सम्पन्न हुआ।
यह रहे पुण्यार्जक

चार कलश स्थापना के पुण्यार्जक सिंघई प्रीति-प्रदीप परिवार, नीतू दीपक जीवन परिवार,रुचि अभिषेक मालथौन परिवार,श्री राजकुमार अंजू ऋषभ परिवार रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
