नगर में पहली बार उमड़ा भारी जनसमुदाय

रेवाड़ी

प्रशममूर्ति आचार्य श्री १०८ शान्तिसागर जी महाराज (छाणी) परम्परा के प्रमुख संत परम पूज्य आचार्य श्री १०८ अतिवीर जी मुनिराज के हरियाणा की धर्मनगरी रेवाड़ी में मंगल चातुर्मास हेतु आगमन पर जैन समाज द्वारा ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आचार्य श्री राजधानी दिल्ली से लगभग 150 कि.मी. का पद विहार कर विभिन्न क्षेत्रों में धर्मप्रभावना करते हुए दिनांक जुलाई को पीतल नगरी रेवाड़ी पहुंचे। 14 वर्षों के सतत प्रयासों के बाद आचार्य श्री के रेवाड़ी में चातुर्मास स्थापना होने से समस्त क्षेत्र में अत्यंत हर्ष व उमंग का माहौल बना हुआ है।


समस्त जैन समाज के लोग सुबह से ही अत्यंत भक्ति भाव सहित दिल्ली रोड स्थित अजय जैन फार्म पर भारी संख्या में एकत्रित होने लगे। आचार्य श्री का विशाल शोभायात्रा के साथ अतिशय क्षेत्र नसियां जी के लिए मंगल विहार प्रारंभ हुआ तो गुरुभक्तों ने जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। शोभायात्रा में बैंड-बाजे, नफीरी-ताशा, ढ़ोल-नगाड़े, जैन ध्वज, भजन मंडलियां, नृत्य मंडलियां, स्कूली बच्चे, छात्रावास के बच्चे, महिला, पुरुष आदि अपार जनसमूह साथ-साथ चल रहे थे। मार्ग में जगह जगह आकर्षक रंगोली बनाकर महाराज जी का भावभीना स्वागत किया गया।

कार्यक्रम संयोजक युवा जैन मिलन के अध्यक्ष श्री प्रीतेश जैन ने बताया कि इस वर्ष आचार्य श्री का 17वां चातुर्मास होने जा रहा है। इस उपलक्ष्य में 17 स्थानों पर 17 परिवारों ने पाद प्रक्षालन, मंगल आरती व तीन परिक्रमा करते हुए आचार्य श्री का अभिनंदन किया। उत्साह व हर्ष से भरपूर भक्तों के साथ पूज्य आचार्य श्री का चातुर्मास स्थल पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया जहां विराट धर्मसभा का आयोजन हुआ। रेवाड़ी जैन समाज की सभी समितियों ने संयुक्त रूप से पुनः एक बार आचार्य श्री के चरणों में श्रीफल अर्पित कर चातुर्मास प्रदान करने हेतु कृतज्ञता प्रकट की।

सभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि वर्षा ऋतु में अत्यधिक मात्रा में उत्पन्न होने वाले जीवों की रक्षा करते हुए जैन संत चार माह एक ही स्थान पर रुककर धर्माराधना में लीन रहते हैं। यही एक ऐसा प्रसंग है जब समाज को किन्हीं संत का सान्निध्य इतने लंबे समय तक प्राप्त होता है। समस्त समाज को इस अमूल्य समय का सदुपयोग करना चाहिए। रेवाड़ी में आचार्य श्री का चातुर्मास कलश स्थापना समारोह आगामी रविवार 24 जुलाई को आयोजित होगा।
– समीर जैन (दिल्ली)
