दो निर्यापक श्रमण संघ सुधासागर महाराज संघ व संभव सागर महाराज का हुआ महामिलन

खुरई

खुरई वो पावन धरा जहा संतो का आगमन होता रहता है इसी कड़ो मे शनिवार को भी एक इतिहास बन गया जब दो निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 सुधासागर महाराज संघ एवम संभव सागर महाराज का महामिलन हुआ कुण्डलपुर तीर्थ के बाद दूसरा अवसर है जब दोनों संघो का महामिलन हुआ है यह महामिलन नगर के ग्रामीण थाने रोड पर हुआ। वह क्षण भाव विभोर कर देने वाला था जब सभी मुनिराजों द्वारा मुनि पुन्गाव सुधासागर जी की महाराज की परिक्रमा लगाई। इस महामिलन के साक्षी काफी भक्त रहे।

आपको बता डे बीना से मुनिश्री संभव सागर महाराज का संघ खुरई चातुर्मास करने के लिए विहार कर आया इस महमिलन हेतु मुनिश्री सुधा सागर महाराज का संघ प्राचीन जैन मंदिर से चलकर मार्ग पर आया । वही दाेनाें संघाें के मिलन के बाद सभी मुनिराज प्राचीन जैन मंदिर पहुंचे। जहा पूज्य मुनि श्री सुधासागर महाराज का मंगल विहार ललितपुर के लिए हुआ मुनि संघ तेवरा-तलापार हाेते हुए गमन कर रहा है। वही भक्तो की अपार भीड़ व समस्त मुनिसंघउन्हे छाेड़ने गया।

इससे पूर्व मुनिश्री सुधासागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि समाज के सभी लाेगाें काे एकजुट रहकर काम करना चाहिए। मंदिर, अस्पताल, गाैशाला जैसी सामाजिक संस्थाओ काे सभी काे सहयाेग देना चाहिए। तभी संस्थाओ की प्रगति हाेती है। अगर सिर्फ बुराई की जाए और काम में हाथ न बंटाया जाए, यह परंपरा ठीक नहीं है। सभी इन संस्थाओ के परम संरक्षक,सरंक्षक, सदस्य बनें। इन संस्थाओ के संचालन में समय दें, उसके बाद काेई गलती लगे ताे बताएं। उसमें सुधार हाे सकता है।

उन्हाेंने कहा कि जेवायएसएस परमार्थ अस्पताल जिस भूमि पर बनी है वहां पाॅजीटिव एनर्जी है। जिसके परिणाम स्वरूप मरीज काे स्वास्थ्य लाभ जल्दी मिल जाता है। मन काे शांति मिलती है। उन्हाेंने सामाजिक पंचायत बनाने की बात भी कही।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
